जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पशुधन विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न, गौशालाओं की होगी लाइव मॉनिटरिंग
Gargachary Times
10 June 2026, 21:08
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Firozabad
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की उपस्थिति में पशुधन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोवंश संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि अब जनपद की सभी गौशालाओं की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसके लिए शीघ्र ही अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उन्होंने जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारियों एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गोवंशों की आयु के अनुसार विस्तृत पंजिका तैयार की जाए, जिससे मृत्यु के बाद उनका ऑडिट किया जा सके और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।बैठक में घायल गोवंशों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में जाल लगाए जाएं ताकि पक्षियों से घायल पशुओं को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। साथ ही गो-आश्रय स्थलों में सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर लोगों में गोवंशों के प्रति संवेदनशीलता और जुड़ाव बढ़ाने की बात कही।दान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक गौशाला में क्यूआर कोड लगाए जाने के निर्देश दिए गए, जिससे लोग आसानी से गोदान या अन्य सहयोग कर सकें। इसके अलावा गोबर और गोमूत्र से बनने वाले उत्पादों को व्यावसायिक रूप से विकसित कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने गोबर आधारित उत्पादों के अधिक उपयोग और ईंधन के रूप में प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नंद बाबा दुग्ध योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष दो लाभार्थियों का चयन किया गया, जिसमें 25 स्वदेशी नस्ल की गायों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। वहीं मिनी नंदिनी दुग्ध विकास योजना में आठ लाभार्थियों का चयन किया गया है, जिनको 10 स्वदेशी नस्ल की गायों पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि जनपद में चार वृहद संरक्षण केंद्रों में 1658 गोवंश, तीन कान्हा गौशालाओं में 1034 गोवंश, सात अस्थायी शहरी गौशालाओं में 774 तथा 34 अस्थायी ग्रामीण गौशालाओं में 9298 गोवंश संरक्षित हैं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में हरा चारा और भूसा उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूसा खरीद और दान से प्राप्त चारे का अलग रजिस्टर तैयार किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।