त्याग और तपस्या की साकार प्रतिमा थे महंत भोबल दास
Gargachary Times
15 July 2025, 20:55
33 views
Mathura
मथुरा। काशीराम कॉलोनी मार्ग स्थित प्राचीन दुख हरण हनुमान मंदिर में मंगलवार को महंत भोबल दास महाराज का तृतीय स्मृति महोत्सव विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य आयोजित किया गया। संत राकेश बाबा ने कहा कि त्याग और तपस्या की साकार प्रतिमा महंत भोबल दास महाराज का संपूर्ण जीवन ब्रज की संस्कृति और कृष्ण भक्ति के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आजीवन गौ सेवा का पालन करते हुए गौ संरक्षण व संवर्धन के लिए भी आमजन मानस को जागृत करने का कार्य किया। श्रीश्याम गौशाला के संचालक जगदीश प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि ब्रजमंडल के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भ्रमण करते हुए महंत भोबल दास आम लोगों को भगवत भक्ति के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते थे। वह वास्तव में परोपकारी तपस्वी संत थे। इससे पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य आराध्य दुखहरण हनुमानजी महाराज का जलाभिषेक किया गया। हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ हुआ। वहीं महंत भोबल दास महाराज की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक कर साधु-संतों ने हरिनाम संकीर्तन भी किया। इस अवसर पर दीपक वार्ष्णेय, शेर सिंह यादव, रामबाबू शर्मा, सीताराम बाबा महेश उपाध्याय ,संतोष शर्मा, दिनेश यादव, मुकेश उपाध्याय, बादल ,विवेक, अभिषेक, माधव, संत बाबू महाराज, सीताराम बाबा ,महेश उपाध्याय , संतोष शर्मा, मुकेश सारस्वत, महेश चंद शर्मा, बादल, विवेक, अभिषेक आदि उपस्थित रहे।