महिलाओं-बेटियों के सशक्तिकरण, स्वावलाम्बन से ही बनेगा मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र- जिलाध्यक्ष
Gargachary Times
17 June 2026, 19:26
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Mainpuri
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग, महिला संवाद कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने उपस्थित महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, जन-प्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसकी महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त होंगी, आज महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बन चुका है, कार्यक्रम में बाल विवाह विषय पर प्रस्तुत नाटिका की सराहना करते हुए कहा कि अतीत में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के कारण समाज को अनेक दुष्परिणाम झेलने पड़े, कम आयु में विवाह होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था, बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता के अवसर नहीं मिल पाते थे, अनेक समाज सुधारकों और महापुरुषों ने बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया जाए क्योंकि शिक्षित महिला ही परिवार, समाज और देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होनेे कहा कि प्रत्येक बेटी को शिक्षा और सम्मान का अधिकार है, एक बेटी ही आगे चलकर बहन, पत्नी, मां, दादी और नानी का स्वरूप धारण करती है इसलिए समाज को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच अपनानी होगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि विवाह पर अत्यधिक खर्च करने के बजाय बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास पर निवेश करें जिससे वह आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकें।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष-2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं, बेटियों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल शुरू की गईं, ’’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी रोक लगाने का प्रयास किया गया, अवैध लिंग परीक्षण एवं भ्रूण हत्या में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई ताकि बेटियों के जन्म और अस्तित्व को सुरक्षा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कीं तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की, आज गरीब परिवार की बेटियों की शादी सरकारी खर्चे पर भव्य समारोह में हो रही है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से महिलाओं के जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है, पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं लकड़ी, उपले और अन्य पारंपरिक ईंधनों के धुएं के बीच भोजन बनाने को विवश थीं, जिससे आंखों और फेफड़ों से संबंधित अनेक बीमारियां होती थीं, उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध हुआ है, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आया है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना में केवल शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ बल्कि महिलाओं को खुले में शौंच जाने पर होने वाली शर्मिदंगी, गरिमा एवं सम्मान दिलाने का कार्य किया, घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सुनिश्चित हुआ है यही कारण है कि शौचालयों को ‘इज्जत घर’ का नाम दिया गया, प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना के तहत देशभर में 04.5 करोड़ से अधिक खाते खुलवाए इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों के बैंक खाते खोले गए, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचना संभव हुआ, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया।
जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने अन्नप्रासन्न योजनांतर्गत 06 माह की आयु पूर्ण कर चुकी कृषभि, कनक, सुरभि को ऊपरी आहार खिलाकर, गोद भराई योजनांतर्गत फरहीन, शिवानी, संध्या को पोषण किट, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनान्तर्गत गायत्री, पूजा, रश्मि, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की लाभार्थी खुशी, लकी, श्रेया, दिव्यांशू, विहान चौहान को को स्वीकृति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने स्वागत गीत एवं बाल विवाह पर आधारित नुक्कड़-नाटक प्रस्तुत किया।
इस दौरान महामंत्री हरिओम दुबे, जिला उपाध्यक्ष पंकज भदौरिया, अरुण प्रताप, विशाल बाल्मिकी, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. विमल पांडेय के अलावा जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, बाल विकास परियोजना अधिकारी हृदय नारायण, अंजू राठौर के अलावा सुपरवाइजर, बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, गर्भवती, धात्री महिलाएं आदि उपस्थित रही, कार्यक्रम का संचालन बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने किया।