नाविकों और गोताखोरों को दिया विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश
Gargachary Times
17 June 2026, 20:27
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Mathura
ललित उपाध्याय संवाददाता मथुरा।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मथुरा के तत्वावधान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 8वीं वाहिनी, गाजियाबाद द्वारा सिविल नाविकों एवं गोताखोरों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने किया।
प्रशिक्षण में एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को सुरक्षित नाव संचालन, जल आपदाओं में खोज एवं बचाव तकनीक, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। सैद्धांतिक सत्र डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया, जबकि व्यावहारिक प्रशिक्षण वृंदावन के केशीघाट तथा मथुरा के विश्रामघाट और बंगालीघाट पर कराया गया।
एनडीआरएफ की टीम ने नाव संचालन, जल बचाव तकनीकों, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के सुरक्षित उपयोग का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे नंद प्रकाश मौर्य, डिप्टी कलेक्टर चंद्र भूषण प्रताप, प्राजक्ता त्रिपाठी, जिला आपदा विशेषज्ञ पूजा राणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि यमुना नदी तटवर्ती क्षेत्र होने के कारण मथुरा जलजनित आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में प्रशिक्षित नाविकों और गोताखोरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने सभी नाविकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने, नाव में प्राथमिक उपचार किट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण रखने के निर्देश दिए। साथ ही दामिनी एवं सचेत ऐप डाउनलोड करने, वैध पहचान पत्र और लाइसेंस साथ रखने तथा मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी।
नाविकों को क्षमता से अधिक यात्री न बैठाने, खराब मौसम में नाव संचालन से बचने, प्रतिबंधित क्षेत्रों में नाव न ले जाने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि नाविकों और यात्रियों के लिए बीमा सुविधा उपलब्ध है तथा उनके हितों के संरक्षण के लिए नाविक कल्याण समिति का गठन भी किया गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिविल नाविकों और गोताखोरों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी, व्यवहारिक और जनहितकारी बताते हुए ऐसे प्रशिक्षणों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एनडीआरएफ के संयुक्त प्रयासों से संपन्न हुआ।