क्षत्रिय समाज के लोगों ने की शमशान भूमि के रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग
Gargachary Times
22 June 2026, 19:53
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Mathura
डी डी शर्मा
कस्बा गोवर्धन में क्षत्रिय समाज के लोगों ने अपने समाज के शमशान भूमि के लिए जाने वाले रास्ते को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है बताते चलें कि पिछले कई वर्षों से क्षत्रिय समाज के लोगों के लिए डीग रोड मेदारकुंड के समीप शमशान भूमि है लेकिन शमशान भूमि को जाने वाला रास्ता कई वर्षों से अवरुद्ध पड़ा हुआ है लोगों का आरोप है कि कुछ दबंग और भू माफिया किस्म के लोगों द्वारा उस पर अवैध कब्जा किया हुआ है। क्षत्रीय समाज के स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोवर्धन के पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश मित्तल उर्फ सत्तो लाला जी ने अपने अध्यक्ष काल में श्मशान भूमि को जाने वाले मार्ग के बगल में अपनी दुकान और जगह होने का लाभ उठाकर श्मशान भूमि के मार्ग पर अतिक्रमण कर लिया गया था। क्षत्रिय समाज के लोगों को लोगों के दाह संस्कार के लिए मैदारकुंड के ऊपर से होकर जाना पड़ता है जो की काफी जोखिम भरा है भीड़ का दबाव होने पर गिरकर कुंड में डूबने की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में क्षत्रीय समाज सेवा समिति रजिस्टर्ड संस्था के द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई है यहां तक की छ से सात बार आइजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी मुख्यमंत्री तक शिकायत की गई है लेकिन हर बार स्थानीय प्रशासन द्वारा गलत आख्या बनाकर भेज कर उच्च अधिकारियों को गुमराह कर दिया जाता है। जिसके कारण अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है कई बार अधिकारी जाते हैं तो अतिक्रमणकारियों द्वारा बाहर से ही चाय पानी करा कर विदा कर दिया जाता है। लोगों ने बताया कि अभी हाल ही में एसडीएम गोवर्धन द्वारा स्थल पर जाकर निरीक्षण किया गया और वहां उलटी दिशा में खड़े होकर फोटो खींच कर उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए और प्रकरण की गलत आख्या बनाकर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है जिससे ऊपर उच्च अधिकारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। क्षत्रिय समाज के लोगों के अनुसार शमशान भूमि का मार्ग लगभग 13 से 14 फीट चौड़ा है जिसमें से लगभग चार से पांच फीट पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है लोगों ने प्रशासन से अवैध कब्जे को हटाने और शमशान भूमि के मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने की गुहार लगाई है। देखना होगा कि कई वर्षों से अवरुद्ध पड़े शमशान भूमि के मार्ग को स्थानीय प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए और एक समाज की जरूरी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कितनी जल्दी अतिक्रमण मुक्त करा पाता है और उच्च अधिकारियों को सही जानकारी से अवगत कराता है।