पुरनिया-अलीगंज स्थित गेमिंग जोन/लाइब्रेरी में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत
Gargachary Times
22 June 2026, 19:57
20 views
Lucknow
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के पुरनिया-अलीगंज क्षेत्र स्थित एक गेमिंग जोन एवं लाइब्रेरी परिसर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हादसे में 14 छात्रों के आग की चपेट में आने की सूचना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों में अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अथवा अध्ययन के उद्देश्य से वहां मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। देखते ही देखते पूरा परिसर धुएं और लपटों से घिर गया। स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक चर्चाओं में यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि क्या भवन में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, आपातकालीन निकास की व्यवस्था थी या नहीं, तथा संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया गया था या नहीं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि शहर में कई ऐसे व्यावसायिक एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जहां अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मानकों की गंभीरता से जांच की जाती तो संभवतः इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
जांच और जवाबदेही की मांग
हादसे के बाद विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल भवन स्वामी या संस्थान संचालक ही नहीं, बल्कि अनुमति और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने वाली संबंधित एजेंसियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यावसायिक भवन को संचालन की अनुमति देने से पहले अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा और भवन मानकों की कठोर जांच आवश्यक होती है। यदि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहर में अनेक भवन बने संभावित खतरा
घटना के बाद राजधानी में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, गेमिंग जोन, हॉस्टल और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि संकरी गलियों, सीमित निकास मार्गों और अपर्याप्त अग्निशमन संसाधनों वाले भवन भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश देते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही शहर के अन्य संस्थानों की सुरक्षा ऑडिट कराने की बात भी कही जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य के साथ मृतकों की पहचान और परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था, भवन स्वीकृति प्रक्रिया और अग्निशमन मानकों के अनुपालन पर गंभीर चिंतन का विषय बन गया है। नागरिकों की मांग है कि दोषियों की जवाबदेही तय कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में किसी परिवार का चिराग इस प्रकार की लापरवाही की भेंट न चढ़े।
सूचना मिलते ही उप मुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण मौके पर पहुंच गए।
खबर लिखे जाने तक 15 छात्रों की मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई। मृतकों की संख्या, कारण और जिम्मेदारी से संबंधित अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।