उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, किसान भाई भंडारण का न करें भंडारण
Gargachary Times
30 August 2025, 03:41
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Firozabad
जनपद फ़िरोज़ाबाद में खरीफ सीजन 2025 में दिनांक 01.04.2025 से 28.08.2025 तक कुल 47733 मीट्रिक टन यूरिया, 18491 मीट्रिक टन डीएपी, 4371 मीट्रिक टन एमओपी, 2946 मीट्रिक टन एमओएपी, 1450 मीट्रिक टन एसओपी, उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी है, जिसमें से अब तक 37244 मीट्रिक टन यूरिया, 10376 मीट्रिक टन डीएपी, 1298 मीट्रिक टन एमओपी, 749 मीट्रिक टन एमओएपी तथा 280 मीट्रिक टन एसओपी का वितरण हुआ है। वर्तमान में 10489 मीट्रिक टन यूरिया, 8115 मीट्रिक टन डीएपी, 3073 मीट्रिक टन एमओपी, 2197 मीट्रिक टन एमओएपी व 1170 मीट्रिक टन एसओपी की उपलब्धता है। इससे से सहकारी क्षेत्र में 5336 मीट्रिक टन यूरिया, 4435 मीट्रिक टन डीएपी, 720 मीट्रिक टन एमओपी, 380 मीट्रिक टन एमओएपी का स्टॉक उपलब्ध है। जनपद में खरीफ में मुख्य रूप से 51610 हेक्टेयर में धान, 8056 हेक्टेयर में मक्का, 1243 हे० में ज्वार एवं 78430 हेक्टेयर में बाजरा की बुवाई की गई है और समस्त खरीफ फसलों में आवश्यकतानुसार यूरिया आदि उर्वरकों का प्रयोग किया जा चुका है। यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद में विगत खरीफ 2024 की तुलना में खरीफ 2025 में 2821 मीट्रिक टन यूरिया 3295 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का अधिक प्रयोग किया गया है। जनपद में मुख्य रूप से बासमती धान की खेती की जाती है, जिसमें अधिक यूरिया के प्रयोग करने से फफूँदीनाशत रोग-कन्डा/भण्डा रोग सहित अन्य कीट-रोगों का प्रकोप बहुतायत में है, क्योंकि अधिक यूरिया के उपयोग से पौधों में पानी की मात्रा अधिक होने से पौधे मुलायम हो जाते हैं और पौधों का रंग गहरा हो जाने से कीट फसल की तरफ तेजी से आकर्षित होते हैं। इससे न केवल हमारी कृषि लागत बढ़ती है, बल्कि कीट रोग प्रबन्धन में अधिक पैसा व्यय होता है। साथ ही अधिक यूरिया तथा कीटनाशी रसायनों के प्रयोग से हमारी कृषि योग्य भूमि प्रदूषित होने के साथ-2 उत्पादन देने की क्षमता खोती जा रही है और इससे हमारा भूजल एवं पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। अतः किसान भाइयों से अपील की जाती है कि उगाई जाने वाली फसलों में वैज्ञानिक संस्तुति के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें और नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी का प्रयोग को बढ़ावा दें, क्यों कि इससे प्रयोग से पौधों की संतुलित वृद्धि एवं विकास होता है। आगामी रबी सीजन हेतु भी जनपद की माँग एवं आवश्यकता के दृष्टिगत नत्रजन, फास्फेटिक एवं पौष्टिक उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जनपद में आलू की फसल 25 सितम्बर से लगना प्रारम्भ हो जायेगी। जिसके लिए संस्तुत मात्रा के अनुसार प्रति एकड़ 3 बैग यूरिया तथा 2 बैग डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। किसान भाई अपनी जोत में अकेले यूरिया व फसल के लिए मानक के अनुसार उर्वरकों का क्रय करे। इसलिए किसान भाइयों से अभीष्ट है कि अपनी तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का क्रय करें। यह भी अवगत कराना है कि जनपद में उर्वरकों की निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करने, प्रतिबंधित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग, उर्वरकों का अवैध भण्डारण, होर्डिंग, अनियमित बिक्री एवं कालाबाजारी आदि करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा कृषि, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर नियमित रूप से उर्वरकों के वितरण का औचक निरीक्षण किया जा रहा है तथा लगातार इसकी निगरानी एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। एवं जनपद के सभी सहकारी व निजी बिक्री केन्द्रों पर कृषकों को आवश्यकतानुसार निरन्तर उर्वरकों की आपूर्ति करायी जा रही है। किसान भाई उर्वरक से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान अथवा शिकायत के लिये कार्यालय में बने कन्ट्रोल रूम के मोबाईल नंबर 9084557126 पर कॉल करें।