Loading...

निर्जला एकादशी पर अव्यवस्थाओं के बीच रेंगती रही कान्हा की नगरी, मुख्य चौराहों से पुलिस नदारद

Gargachary Times 25 June 2026, 19:25 52 views
Mathura
निर्जला एकादशी पर अव्यवस्थाओं के बीच रेंगती रही कान्हा की नगरी, मुख्य चौराहों से पुलिस नदारद
​वृंदावन। पावन पर्व निर्जला एकादशी के विशेष अवसर पर गुरुवार को ठाकुर बांके बिहारी की नगरी वृंदावन में देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुण्य लाभ कमाने की होड़ में भोर की पहली किरण के साथ ही लाखों भक्तों ने जयकारों के बीच वृंदावन की प्रसिद्ध पंचकोसीय परिक्रमा लगानी शुरू कर दी। लेकिन इस भारी भीड़ के सामने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के दावों की हवा निकल गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी देखने को मिली, जिसके चलते पवित्र नगरी पूरी तरह अव्यवस्थाओं की गवाह बन गई। ​श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए प्रशासन द्वारा पूर्व में कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसका खामियाजा परिक्रमा लगाने आ रहे भक्तों और स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ा। सुबह के समय जब परिक्रमा अपने चरम पर थी, ठीक उसी दौरान मुख्य मार्गों पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस भीषण जाम में स्कूल जाने वाली बसें और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिक्रमा मार्ग के मुख्य प्रवेश द्वारों और चौराहों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार मची रही। ​भीड़ और ट्रैफिक के इस जबरदस्त दबाव के बीच मुख्य रूप से अटल्ला चुंगी पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। यहाँ वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की इतनी लंबी कतारें लग गईं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी विकट स्थिति होने के बावजूद मुख्य चौराहों से पुलिस प्रशासन के सिपाही पूरी तरह गायब मिले। चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करने वाला या भीड़ को संभालने वाला पुलिस का एक भी जवान ड्यूटी पर तैनात दिखाई नहीं दिया। ​प्रशासन की इस घोर लापरवाही और सुस्त रवैये को लेकर जनता में भारी रोष देखा गया। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच परिक्रमा मार्ग और ट्रैफिक जाम में फंसे लोग बेहाल नजर आए और प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर कोसते हुए दिखाई दिए। हर साल धार्मिक पर्वों पर लाखों की भीड़ जुटने की जानकारी होने के बाद भी यातायात को सुचारू रखने के लिए किसी भी रूट को सही ढंग से डायवर्ट नहीं किया गया और न ही पुलिस बल की मुस्तैदी सुनिश्चित की गई। इसके चलते इस पावन दिन पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को आस्था के सफर में भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ा।
Follow Samachar24