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निर्माणाधीन आवासीय, अनावासीय भवनों, तहसील भवन का स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी

Gargachary Times 18 July 2026, 19:34 37 views
Mainpuri
निर्माणाधीन आवासीय, अनावासीय भवनों, तहसील भवन का स्थलीय निरीक्षण जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने नव-सृजित तहसील कुरावली के निर्माणाधीन आवासीय, अनावासीय भवनों, तहसील भवन का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, डिजाइन, उपयोगिता तथा निर्धारित समय-सीमा की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए, सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किये जायें। उन्होने निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण करते हुए ड्राइंग रूम, डाइनिंग एरिया, शयनकक्ष, सर्वेंट रूम, स्टोर, ड्रेसिंग रूम, रसोईघर एवं स्नानागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोईघर में दीवारों पर पर्याप्त ऊँचाई तक टाइल्स लगाने, सिंक की उचित व्यवस्था करने, सीलन से बचाव के लिए बेहतर फिनिशिंग कराने, स्कर्टिंग की ऊँचाई बढ़ाने, दीवारों एवं फर्श की फिनिशिंग को बेहतर बनाने, सभी कमरों में उच्च गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रसोई, स्नानागार जैसे स्थानों पर गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए क्योंकि इन स्थानों पर स्थायित्व एवं स्वच्छता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। निरीक्षण के दौरान उन्होने कोटस्टोन की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि कोटस्टोन की घिसाई, अंतिम फिनिशिंग अत्यंत उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होने परिसर में इंटरलॉकिंग एवं पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कहा कि भवनों के मध्य, मुख्य सड़क तक आने-जाने वाले समस्त मार्गों पर पर्याप्त इंटरलॉकिंग कराई जाए, सीमित क्षेत्र में इंटरलॉकिंग कराने से भविष्य में आवागमन, पार्किंग में कठिनाई होगी इसलिए आवश्यकतानुसार इसका दायरा बढ़ाया जाए, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित किया जाये, वर्षा ऋतु में जल-भराव से बचाव हेतु जल-निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने परिसर में प्रस्तावित हरित क्षेत्र, वृक्षारोपण, शौचालय, यूरिनल, सेप्टिक टैंक, सोक पिट की व्यवस्था का भी अवलोकन करते हुए कहा कि परिसर में पर्याप्त संख्या में छायादार पौधे लगाए जाएं। श्री त्रिपाठी ने कार्यालय भवन का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों के चेंबर, न्यायालय कक्ष, रिकॉर्ड रूम, प्रतीक्षालय एवं अन्य कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान कक्षों में पर्याप्त प्रकाश, वेंटिलेशन का अभाव पाए जाने पर तत्काल अतिरिक्त खिड़की लगाये जाने के निर्देश दिए। उन्होने अधिकारियों के चेंबर, विश्राम कक्ष के निरीक्षण के दौरान कहा कि भवन की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कमरों का व्यवहारिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए, आवश्यकतानुसार कुछ कमरों को अधिकारियों के विश्राम कक्ष के रूप में विकसित किया जाये। उन्होने कहा कि महिला-पुरुष अधिकारियों के लिए पृथक-पृथक आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय विकसित किए जाएं, सार्वजनिक उपयोग के शौचालयों, अधिकारियों हेतु शौचालयों को अलग-अलग रखा जाये, शौचालयों में वॉश-बेसिन, कमोड, जलापूर्ति, स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। तहसीलदार कक्ष एवं अन्य अधिकारियों के कमरों का निरीक्षण करते हुए पाया कि पूर्व प्रस्तावित डिजाइन के कारण कुछ कक्ष अपेक्षाकृत छोटे हो रहे हैं, जिस पर उन्होंने निर्देश दिए कि तकनीकी मानकों के अनुरूप आवश्यक संशोधन करते हुए कमरों को अधिक उपयोगी, सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होने भवन की बाहरी संरचना, प्लास्टर, ग्रिड फिनिश कार्य का भी निरीक्षण किया, उन्होंने कहा कि एक्सटीरियर प्लास्टर पर ग्रिड फिनिश का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि भवन आकर्षक एवं टिकाऊ दिखाई दे। उन्होने कहा कि पेंटिंग, प्लास्टर एवं बाहरी फिनिशिंग में किसी प्रकार की जल्दबाजी न की जाए तथा प्रत्येक चरण की तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रैंप, सीढ़ियां, रेलिंग, ग्रिल, टाइल्स, स्कर्टिंग, प्लास्टर, जॉइंट्स तथा अन्य फिनिशिंग कार्यों का भी बारीकी से निरीक्षण किया उन्होने कहा कि किसी भी स्थान पर अधूरा कार्य अथवा खराब फिनिशिंग दिखाई नहीं देनी चाहिए, दीवारों के जॉइंट्स, कोनों एवं प्लास्टर की अंतिम फिनिशिंग अत्यंत सावधानीपूर्वक पूर्ण कराई जाए।
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