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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फिरोजा़बाद के कन्वर्जेन्स से हुआ वृद्ध जागरूकता कार्यक्रम

Gargachary Times 2 September 2025, 20:46 97 views
Firozabad
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फिरोजा़बाद के कन्वर्जेन्स से हुआ वृद्ध जागरूकता कार्यक्रम
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश शासन के आदेश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ए. डी. जे. अतुल चौधरी के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग मिशन शक्ति हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन के तहत नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय एस.आर. ज्ञानेश्वरी इण्टर कॉलेज में एक दिवसीय जन जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें, विधिक सेवाओं, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह अधिनियम घरेलू हिंसा अधिनियम दहेज अधिनियम मोलेस्टेशन इव टीजिंग, गुड टच बैड टच आदि के साथ साथ सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों, शिक्षा व कैरियर आदि के विषय में चर्चा की गई और सभी शिक्षकों और बच्चों ने एकजुट होकर आगामी 13 सितम्बर को आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने एवं अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। मिशन शक्ति एच. ई. डब्लू की अधिकारी ज़िला मिशन कोऑर्डिनेटर अनम अकाशा एवं एच. ई. डब्लू स्टाफ अरुण कुमार ने समस्त विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा एवं बाल अधिकारों पर प्रश्नोत्तरी व इंटरएक्टिव सेशन का संचालन किया साथ ही उन्हें अपने भविष्य को बेहतर बनाने की चाहत में अपने सपनों को साकार करने के लिए सच्चा व सीधा रास्ता चुनते हुए सारी चुनौतियां का सामना करते हुए आगे बढ़े, इस बीच किसी भी डायवर्जन जैसे स्मोकिंग, शराब का सेवन, गुटखा खाना, सोशल मीडिया का गलत उपयोग, आदि से बचें तभी अपने शैक्षिक टारगेट्स के साथ-साथ अपनी जिंदगी के बेहतरीन गोल को हासिल कर पाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना विधवा पेंशन योजना हेल्पलाइन 181 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर विस्तृत जानकारी प्रदान की एवं मिशन शक्ति योजना संबंधी पंपलेट वितरण कर जागरूकता विकसित की गई। पीएलवी प्रवीन कुमार शर्मा ने विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि, राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका की एक सुलभ और प्रभावी व्यवस्था है। जिसमें, आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण कराया जाता है और इसमें, होने वाले समझौतों को अंतिम निर्णय की तरह माना जाता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक अदालतों की तुलना में अधिक तेज़ और बिना किसी आर्थिक बोझ के होती है। इसके लिए न तो पक्षकारों से कोई फीस ली जाती है और न ही लंबी अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रीय लोक अदालत में बिजली, पानी के बिल, बैंक ऋण, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और मोटर दुर्घटना मुआवजा जैसे मामलों का आपसी सुलह समझौते के माध्यम से वाद समाप्त किए जाने हेतु आवेदन करने के लिए किसी भी कार्य दिवस में संबन्धित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में सम्पर्क कर किया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्य रूप से विद्यालय प्रबंधक तरुण उपाध्याय, निर्देशक राहुल उपाध्याय, ऑडिटर श्रीमती संतोष उपाध्याय, प्रधानाचार्य नीरज कुमार प्रजापति एवं उप प्रधानाचार्य कौशल किशोर सहित निशा गुप्ता, उर्मिला राजपूत, आशीष शर्मा, महावीर सिंह, अमरदीप सिंह, भानु प्रताप, सीता आर्य, हिज्जा, सामी, आमिर खान, रुकैया खातून, आत्म प्रकाश मिश्रा, विकास जैन, बृजमोहन राठौर व समस्त शिक्षक व स्टॉफ ने प्रतिभाग किया।
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