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पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की होगी जमीनी पड़ताल, कागजों तक नहीं रहेगा सीमित- जयवीर सिंह

Gargachary Times 20 July 2026, 19:44 49 views
Agra
पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की होगी जमीनी पड़ताल, कागजों तक नहीं रहेगा सीमित- जयवीर सिंह
उत्तर प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं अब केवल कागजी प्रस्तावों के आधार पर मंजूर नहीं होंगी। हर परियोजना का पहले जमीनी सत्यापन होगा। उसकी उपयोगिता और जनहित का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही योजनाओं को अंतिम स्वीकृति मिलेगी, ताकि जनता का पैसा वहीं खर्च हो, जहां उसका वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचे। इसी सोच के साथ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की कार्ययोजना की प्रदेशव्यापी समीक्षा का शुभारंभ किया। पहले चरण में आगरा और अलीगढ़ मंडल की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विशेष समीक्षा अभियान के पहले चरण में दोनों मंडलों (आगरा और अलीगढ़) की 80 परियोजनाओं का बिंदुवार निरीक्षण किया। प्रत्येक प्रस्ताव की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता का मूल्यांकन किया गया। अब यही प्रक्रिया प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अपनाई जाएगी। प्रत्येक मंडल में समीक्षा बैठक के साथ स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा। मंडलवार परियोजनाओं की समीक्षा  बैठक में आगरा मंडल की 58 पर्यटन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 273 करोड़ रुपए है। साथ ही, मथुरा की धर्मार्थ विभाग से संबंधित तीन परियोजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसकी अनुमानित लागत करीब 245 करोड़ रुपए है। अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस जनपदों की 19 पर्यटन परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इन सभी प्रस्तावों की अनुमानित कुल लागत 500 करोड़ रुपए से अधिक है।  'तथ्यों की कसौटी पर परखा जाएगा'  मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'अब कोई भी परियोजना केवल प्रस्ताव के आधार पर स्वीकृत नहीं होगी। हर योजना को ठोस तथ्यों की कसौटी पर परखा जाएगा। प्रत्येक प्रस्ताव के साथ भूमि अभिलेख, स्थल के नवीनतम फोटोग्राफ, व्यवहारिक लागत का आकलन तथा ऐतिहासिक या धार्मिक महत्व के प्रमाण अनिवार्य होंगे। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ का स्पष्ट विवरण भी देना होगा। साथ ही संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी भी पहले से तय की जाएगी, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हर चरण पर होगी निगरानी  उन्होंने आगे कहा कि 'जनता का पैसा केवल उन योजनाओं पर खर्च होगा, जिनका असर जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे। प्रत्येक परियोजना का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ होगा। निर्माण कार्य की हर चरण में निगरानी रहेगी। चयन से लेकर परियोजना पूरी होने तक जवाबदेही भी तय की जाएगी।' अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों का लें साथ  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना की प्रगति, व्यय और निर्धारित समय-सीमा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सभी कार्य तय समय के भीतर पूरे किए जाएं। विलंबित परियोजनाओं को हर हाल में नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को परियोजनाओं से नियमित रूप से अवगत कराया जाए। साथ ही, भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में उन्हें अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। बटेश्वर, कोठी मीना बाजार और बाबा नीब करौरी संग्रहालय पर भी फोकस आगरा में बटेश्वर धाम के प्राचीन मंदिरों का संरक्षण, पूर्व प्रधानमंत्री स्व० अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक पर पर्यटक सुविधाओं का विकास, कोठी मीना बाजार का सौंदर्यीकरण तथा पार्किंग सहित अन्य सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, फिरोजाबाद में आर्य संस्कृति संकुल के विकास, बाबा नीब करौरी संग्रहालय के दूसरे चरण, जिला सीमाओं पर पर्यटन सूचना केंद्र और महुआ वाली कालिका माता मंदिर में पर्यटक सुविधाओं के विकास की योजनाओं पर चर्चा हुई। मैनपुरी में शीतला माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। धर्मार्थ विभाग की 245 करोड़ की योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में धर्मार्थ कार्य विभाग की लगभग 245 करोड़ रुपए लागत वाली तीन प्रमुख परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें 15 धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास, श्री बांके बिहारी जी महाराज कॉरिडोर तथा विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जन सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बांके बिहारी कॉरिडोर का मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।' अलीगढ़ मंडल के धार्मिक स्थलों पर बढ़ेंगी सुविधाएं अलीगढ़ मंडल की 19 परियोजनाओं में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय भवन, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली, बैठने की व्यवस्था, पैदल मार्ग और लैंडस्केपिंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इनमें अलीगढ़, कासगंज, एटा और हाथरस के कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। बैठक के अंत में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित अभिलेख, तकनीकी विवरण और भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही अंतिम कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने के भी निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं का चयन केवल फाइलों के आधार पर नहीं बल्कि वास्तविक आवश्यकता और जनहित को ध्यान में रखकर किया जा सके। बैठक में संबंधित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के शेष 16 मंडलों की समीक्षा भी क्रमवार होगी।
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