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छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में सपा के सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन

Gargachary Times 22 July 2026, 19:28 49 views
Delhi
छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में सपा के सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन
दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पेपर लीक, छात्रों के उत्पीड़न और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ बुधवार को समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों के सांसदों के साथ संसद के मकर द्वार पर विरोध-प्रदर्शन किया। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के न्याय के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-नौजवान और उनके परिवार के लोग पेपर लीक और सरकार के अहंकारी रवैये के खिलाफ है। छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे है। आखिर क्या दबाव है कि सरकार मंत्री को नहीं हटा पा रही है। क्या मंत्री के पास सरकार का कोई राज छिपा है जो इस्तीफे के बाद सामने आ जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में छात्रों को न्याय नहीं मिला। न्याय और मांगों को लेकर आए छात्र-नौजवानों को सरकार के इशारे पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक मारा। लाठीचार्ज किया। छात्रों के सिर, फूटे, हड्डियां टूटी, बच्चियों के कपड़े फाड़े गये। भाजपा सरकार अहंकार में है। छात्रों से कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में देश में अब तक 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए है। अकेले यूपी में 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए। अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष और छात्र-नौजवानों की मांगे एक है। पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो, उसके बाद बातचीत और चर्चा हो, छात्रों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ उस पर सरकार जवाब दे। भाजपा सरकार ने करोड़ो लोगों को धोखा दिया है। हम लोग छात्रों के लिए खड़े हैं। छात्रों के साथ न्याय के लिए लड़ेंगे। हम लोग छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे। समाजवादी पार्टी छात्र-नौजवानों की लड़ाई लड़ रही है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है। भाजपा सरकार से छात्र-नौजवान, किसान सभी दुःखी हैं। किसानों को खाद नहीं मिल रही है। महंगाई बढ़ती जा रही है। संसद में अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह मुद्दा किसी पार्टी का नहीं छात्रों, युवाओं और नौजवानों का है। हम सब छात्रों, नौजवानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो सड़कों पर आएंगे। सरकार ने छात्रों की बाते नहीं सुनी। उनके साथ जो व्यवहार हुआ है उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। मंत्री का इस्तीफा तो सरकार जब चाहेगी तब हो जाएगा। लेकिन सरकार ने छात्रों के साथ जो व्यवहार किया है उसका क्या होगा। छात्रों के हाथ तोड़े, सिर फोड़े, बेटियों के कपड़े फाड़े गये। अखिलेश यादव ने कहा कि हम मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गये थे। अगर संसद में हमारी बात सुन ली जाती तो नहीं जाते। क्या प्रधानमंत्री संसद में बयान नहीं दे सकते है? प्रधानमंत्री जी बाहर बोलते है, संसद में क्यों नहीं बोलते हैं?
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