आगरा में एक साथ दो रेस्क्यू, खेत से निकला 12 फीट का अजगर, मंदिर में मिला सैंड बोआ
Gargachary Times
23 July 2026, 20:02
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Mathura
फरह। वाइल्डलाइफ एसओएस और उत्तर प्रदेश वन विभाग ने आगरा जिले में एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर सांपों का सफल रेस्क्यू किया। टीम ने मिधाकुर गांव के खेत से करीब 12 फीट लंबे भारतीय अजगर और किरावली के एक मंदिर परिसर से कॉमन सैंड बोआ को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
वन विभाग से सूचना मिलने के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पॉन्स टीम सबसे पहले मिधाकुर गांव पहुंची। यहां ज्वार यानी चरी की 10 से 12 फीट ऊंची फसल के बीच एक विशाल अजगर छिपा हुआ था। घनी फसल के कारण उसे ढूंढना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने सावधानी से रेस्क्यू कर उसे बिना किसी तनाव के बाहर निकाला।
इसके कुछ घंटे बाद टीम को किरावली वन क्षेत्र स्थित एक मंदिर से सूचना मिली। यहां एक कॉमन सैंड बोआ दिखाई दे रहा था। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सांप को पकड़ा और उसकी स्वास्थ्य जांच की।
दोनों सांप पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। रेस्क्यू के बाद उन्हें आगरा के निकट उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय अजगर आईयूसीएन की रेड लिस्ट में "निकट संकटग्रस्त" श्रेणी में है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में इसे सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है। वहीं कॉमन सैंड बोआ विषहीन होता है और जमीन में बिल बनाकर रहता है। अंधविश्वास और अवैध पालतू व्यापार के कारण यह सबसे ज्यादा तस्करी किया जाने वाला सांप है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि खेतों में अजगर का रेस्क्यू मुश्किल होता है। यह दर्शाता है कि खेती और वन्यजीव क्षेत्र कितने पास हैं। सचिव गीता शेषमणि ने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर खुद न पकड़ें, तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना दें।