अड़ींग जीआईसी दो माह से जलमग्न, नाला निर्माण के समय अटी छोड़ दी पुलिया, कौन खोले
Gargachary Times
2 September 2025, 20:57
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Mathura
नाला निर्माण के समय राजकीय भारतीय इण्टर कालेज के सामने की पुलिया ठेकेदारों ने अटी छोड़ दी जिसे दूसरी बरसात में स्कूल जलमग्न होने के दो माह बाद भी किसी ने खोलने की जहमत नहीं उठाई है। इसके चलते राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के चारों तरफ भी फीटों पानी खड़ा है। बच्चों को बूचड़खाना की तरह बेहद कम जगह में ठुंसकर क्लास अटेंड करनी पड़ रही है।
39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट में से करीब पांच करोड़ में केशो पंडित के घर से खादी ग्रामोद्योग के सामने से होते हुए सेहरा पायसा स्थित बाय तक पक्के सीसी नाले का निर्माण गत वर्ष हुआ। नाला बनने से जल निकासी आसान होने की उम्मीद लोगों ने लगाई लेकिन मामला उल्टा हो गया। पहले से ज्यादा पानी शुरुआत के इलाकों में जमा होने लगा। एक तो आरंभ में नाले का लेबिल ऊंचा करने के कारण पानी गोवर्धन रोड के ऊपर से उफनकर ही निकल पाता है। नाला बनने के बाद राजकीय भारतीय इण्टर कालेज के अंदर एवं राजकीय कन्या इण्टर कालेज के चारों ओर जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई। जीआईसी में तो दो महीने शिक्षण भी बंद हो गया। वहीं कन्या इण्टर कालेज के चारों ओर खड़ा पानी दिसंबर तक भी नहीं निकल पाता।
नाला निर्माण के बाद से तलैया मोहल्ले के निकट पूरे साल जल प्लावन की समस्या बनने लगी है। गंदे पानी के जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। शिकवा- शिकायतों पर अधिकारी गौर नहीं करते। मुरारी यादव के घर से राजकीय भारतीय इण्टर कालेज तक नाले का लेबिल ऊंचा होने से नाले में पानी नहीं चल पा रहा है । इसी के चलते जो इलाके नीचे पड़ते हैं वहां पानी जमा हो जाता है।
सोमवार को गांव के कुछ युवाओं ने स्थिति का जायजा लिया। पता चला कि जीआईसी के सामने बनी पुलिया निर्माण के समय से ही आधी अटी हुई है। ठेकेदार ने नाला बनाते समय पानी रोकने के लिए मिट्टी-झाड झंकाड डालकर बंद तो किया लेकिन काम खत्म होने के बाद इसे खोला नहीं गया। खोलने में भी एक ग्रामीण ही बाधक बना जिसकी वाटर सप्लाई की घरेलू पाइप वहां से जा रही है।
इसे जेसीबी से साफ किए बगैर पानी नहीं निकलेगा। जेसीबी चलाते समय ग्रामीण ने व्यवधान कर दिया। इसके ठेकेदार पुलिया को चाक ही छोड़ गया लेकिन बरसात का दूसरा सीजन निकलने की ओर है लेकिन कोई पुलिया खोलने वाला नहीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने पूर्व में भी कई बार पंचायत सचिव से आग्रह किया है।