शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नई पीढ़ी की जीत है, इंकलाब की जीत है: अखिलेश यादव
Gargachary Times
25 July 2026, 19:37
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Lucknow
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नई पीढ़ी की जीत है। इंकलाब की जीत है। भाजपा की अहंकारी सरकार को जेन जी के सामने झुकना पड़ा। इस्तीफे की खबर ने नई पीढ़ी में ऊर्जा भरने का काम किया है। यह खबर जहां-जहां पहुंची है लोगों ने खुशियां मनायी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने जिद क्यों किया? छात्र-नौजवानों, बच्चों से बात करके इस्तीफे का फैसला पहले हो जाना चाहिए था। जब नीट पेपर लीक हुआ। कई बच्चों की जान चली गयी तभी इस्तीफा ले लेना चाहिए था। सरकार ने स्वीकार किया कि परीक्षा लीक हुई थी। लेकिन फिर भी सरकार मैनेजमेंट में लगी रही।
शनिवार को आजमगढ़ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जेन जी की ताकत के सामने सरकार को झुकना पड़ा। जेन जी की ताकत को देकर हमेशा कैमरे के सामने बोलने वाले प्रधानमंत्री जी को मोबाइल के सामने आना पड़ा। मोबाइल को टेढ़ा करना पड़ा। मोबाइल को टेढ़ा करके अपनी भाषा, व्यवहार बदलना पड़ा, भाषण देना पड़ा। एक ही बार नहीं, दो बार आना पड़ा। नई पीढी के लोग रात में जागते है, प्रधानमंत्री जी को रात में आना पड़ा। वैसे तो उनका भाषण शाम आठ बजे होता था, इस बार 12 बजे के बाद आना पड़ा।
अखिलेश यादव ने कहा कि यह नई पीढ़ी की बड़ी जीत है। सरकार को समझना चाहिए। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। परीक्षाओं के पेपर लीक न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। इस आन्दोलन से सबक सीखना चाहिए कि किसी परीक्षा का पेपर लीक न हो।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नकारात्मक राजनीति करती है। उसके लिए बड़े पैमाने पर धन खर्च करती है लेकिन युवा पीढ़ी ने ऐसे नारे बनाए, पोस्टर बनाए जिनके बारे में तमाम लोग सोच ही नही सकते। यह आन्दोलन युवाओं, सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से देश भर में फैला। उसकी वजह से अन्ततोगत्वा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वाली भाजपा, उसके संगी-साथी, अनरजिस्टर्ड लोगों को झुकना पड़ गया।
उन्होंने कहा कि इस आन्दोलन से सभी राजनीतिक पार्टियों को भी सबक लेना चाहिए कि आने वाली परीक्षाएं फूलप्रूफ, ठोस तैयारी के साथ हो, पेपर लीक न हो और युवाओं के नौकरी, रोजगार के लिए रास्ते खोले।
अखिलेश यादव ने कहा कि नीट परीक्षा लीक मामले में छात्र-नौजवानों के साथ विपक्ष की भी पहली मांग शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की थी। उस मांग को विपक्ष ने संसद में उठाया। लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया। सड़क पर उतरा। विपक्ष अपनी मांग पर अडिग रहा।
अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए उन सभी आन्दोलनकारियों और समर्थकों को बधाई दी, जिन्होंने बिना परवाह किए डटकर आन्दोलन को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज, बीएचयू, लखनऊ से लेकर देश भर में एक इंकलाब आया। छात्र-नौजवान सड़कों पर आये। युवाओं के इंकलाब से सरकार को झुकना पड़ा।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा शिक्षा की दुश्मन है। भाजपा सरकार रामपुर के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के पीछे पड़ी है। एक शिक्षा का मंदिर, विश्वविद्यालय बनाने में बहुत समय और संसाधन लगाना पड़ता है। मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय को बचाने के लिए कानूनी समेत हर तरह की लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर-शहर में देखा जाय तो सबसे ज्यादा गैर कानूनी बिल्डिंगे भाजपा के लोगों की है। इसी सरकार ने एक कानून निकाला है कि 2020 के पहले जो बिल्डिंगे नक्शे पास कर बनी है, अगर बाद में वे नगर निगम या प्राधिकरण क्षेत्र में आ जाती है तो 25 फीसदी धनराशि जमा कर बिल्डिंग को लीगल कराया जा सकता है। सरकार अपने लोगों की इललीगल बिल्डिंगो को लीगल बनाने के लिए कानून लायी थी, उसी कानून से जौहर विश्वविद्यालय की बिल्डिंगों को भी लीगल करायेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नफरत फैलाने वाली सरकार है। यह सरकार अहंकार से चल रही है। हमारी मांग है कि नीट परीक्षा लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों की सरकार आर्थिक मदद करें।