मुड़िया संतो ने मुंडन करा सनातन गोस्वामी को दी श्रधांजलि, गुरुपूर्णिमा पर निकलेगी भव्य मुड़िया शोभायात्रा
Gargachary Times
27 July 2026, 19:33
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Mathura
गोवर्धन =गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोवर्धन में निकलने वाली पारंपरिक मुड़िया शोभायात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शोभायात्रा से एक दिन पहले मुड़िया संतों ने सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए मुंडन संस्कार कराया और गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया। गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक मुड़िया शोभायात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। शोभायात्रा से पहले सोमवार को बड़ी संख्या में मुड़िया संतों ने विधि-विधान के साथ मुंडन संस्कार कराया। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक माना जाता है।धार्मिक मान्यता के अनुसार मुंडन केवल बाल त्यागने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अहंकार, बुराइयों और सांसारिक मोह का त्याग कर गुरु की शरण में जाने का संदेश भी देता है। संत इस परंपरा का पालन कर यह संदेश देते हैं कि आध्यात्मिक जीवन में विनम्रता और समर्पण का विशेष महत्व है।
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे यह भव्य मुड़िया शोभायात्रा गोवर्धन के राधाश्याम सुंदर चकलेश्वर मंदिर से विधिवत प्रारंभ होगी। यात्रा चकलेश्वर मंदिर से निकलकर दसविसा, दानघाटी और बड़ा बाजार मार्ग से होते हुए पुनः चकलेश्वर मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। यात्रा में बड़ी संख्या में संत, महात्मा, साधु समाज और देशभर से आए श्रद्धालु शामिल होंगे।
शोभायात्रा के दौरान बैंड-बाजे, आकर्षक झांकियां और गुरु महिमा के जयघोष पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देंगे। गोवर्धन की गलियां श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हैं और हर ओर गुरु पूर्णिमा को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।
वहीं प्रशासन ने भी इस विशाल आयोजन को देखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान भी लागू किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। गुरु पूर्णिमा पर निकलने वाली मुड़िया शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु भक्ति, त्याग और समर्पण की सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत स्वरूप है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु इस पावन आयोजन के साक्षी बनने के लिए गोवर्धन पहुंच रहे हैं।