Loading...

मेडिकल छात्र-छात्राओं को दिलाया स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प, के.डी. मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ

Gargachary Times 28 July 2026, 20:48 33 views
Education
मेडिकल छात्र-छात्राओं को दिलाया स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प, के.डी. मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ
मथुरा। केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, विभागाध्यक्ष मेडिसिन डॉ. मंजू पांडेय, विभागाध्यक्ष मनोचिकित्सा डॉ. गौरव सिंह, डॉ. जयेश आदि ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने मादक पदार्थों, तम्बाकू, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थों से सदैव दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। नशा मुक्ति जागरूकता अभियान सप्ताह का शुभारम्भ करने के बाद प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नशे से दूर रहकर अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। डॉ. अशोका ने कहा कि नशे की प्रवृत्ति व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन पर गम्भीर नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों, मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के कानूनी परिणामों और प्रारम्भिक हस्तक्षेप एवं परामर्श के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. अशोका ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन जिएं तथा अपने परिवार और समाज को भी नशे से बचाएं। मनोचिकित्सक डॉ. श्वेता सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि नशा मुक्ति जागरूकता सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना तथा समाज में जागरूकता फैलाना है। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं में मादक द्रव्यों के सेवन से उत्पन्न बढ़ती चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा इस समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, सतर्कता और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सोच-समझकर निर्णय लेने और नशामुक्त समाज के राजदूत के रूप में कार्य करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में चिकित्सकों तथा मेडिकल छात्र-छात्राओं ने एक लघु नाटक का मंचन कर नशे से होने वाले शारीरिक तथा सामाजिक नुकसान की जानकारी दी। सामाजित चेतना जगाते इस नाटक का मंचन डॉ. प्रगति सिंह, डॉ. देवांशी, डॉ. परिमिता, दीपाली, सलोनी डोगरा, संध्या कुमारी, डॉ. आयुष नागल, डॉ. आर्यन चौधरी, डॉ. अमन शर्मा, डॉ. रोनित सिंह, अभय तोमर आदि ने किया। अंत में महाविद्यालय के विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त जीवन शैली अपनाते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से पधारीं बहन बी.के. ज्योत्सना ने अपने सम्बोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शरीर एवं मन को ही नहीं बल्कि उसके परिवार और करियर को भी पूरी तरह बर्बाद कर देता है। उन्होंने मेडिकल छात्र-छात्राओं से कहा कि राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक सोच के अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, जिससे व्यक्ति नशे जैसी बुरी आदतों और नकारात्मकता से दूर रहता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से स्वस्थ, व्यसन-मुक्त जीवनशैली अपनाकर एक मजबूत, स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
Follow Samachar24