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पारितोषिक वितरण के साथ नशामुक्ति जागरूकता अभियान का समापन, अतिथियों ने केडी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं का किया उत्साहवर्धन

Gargachary Times 1 August 2026, 19:38 57 views
Education
पारितोषिक वितरण के साथ नशामुक्ति जागरूकता अभियान का समापन, अतिथियों ने केडी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं का किया उत्साहवर्धन
मथुरा। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करता है। हम स्वयं नशे से दूर रहकर, दूसरों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ समाज के संकल्प को पूरा करने में महती योगदान दे सकते हैं। चिकित्सक स्वस्थ राष्ट्र का महत्वपूर्ण प्रहरी है, वह अपने विचारों से आमजन में नशामुक्ति के चेतना जगा सकता है। यह बातें केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा आयोजित नशामुक्ति जागरूकता अभियान के समापन अवसर पर अतिथियों ने मेडिकल छात्र-छात्राओं को बताईं। नशामुक्ति जागरूकता अभियान के समापन कार्यक्रम का शुभारम्भ सीओ छाता भूषण वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर मथुरा प्रेम प्रकाश पाठक, केडी विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, उप-कुलपति डॉ. गौरव सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, नशामुक्ति जागरूकता अभियान की समन्वयक डॉ. श्वेता सिंह आदि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों और सभी विभागाध्यक्षों का स्वागत डॉ. गौरव सिंह और डॉ. श्वेता सिंह ने किया। नशामुक्ति जागरूकता अभियान की समन्वयक डॉ. श्वेता सिंह ने स्वागत उद्बोधन के बाद बताया कि नशामुक्ति जागरूकता अभियान में छात्र-छात्राओं ने नाटक, कला, ज्ञान, रचनात्मकता, सार्वजनिक भाषण और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशामुक्ति का न केवल संदेश दिया बल्कि लोगों से तम्बाकू, सिगरेट एवं अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की भी अपील की। अतिथियों ने विविध कार्यक्रमों के विजेता-उपविजेता छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से अच्छे चिकित्सक बनकर स्वस्थ समाज की सेवा करने का आह्वान किया। सीओ छाता भूषण वर्मा ने समाज में नशामुक्ति के लिए मेडिकल छात्र-छात्राओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य भी केवल कानून का पालन कराना ही नहीं बल्कि समाज में जागरूकता फैलाकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण तैयार करना है। श्री वर्मा ने आह्वान किया कि हम सब स्वयं नशे से दूर रहें तथा दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने अपने सम्बोधन में मेडिकल छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान निरंतर चले ताकि समाज में इसका सकारात्मक परिवर्तन दिखे। डॉ. लाहौरी ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि आप लोग समाज को ऐसा जागरूकता संदेश दें जोकि लोगों के दिमाग तक नहीं बल्कि अंतरात्मा तक पहुंचे। ड्रग इंस्पेक्टर मथुरा प्रेम प्रकाश पाठक ने अपने सम्बोधन में नशे से समाज में पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति और समाज दोनों को अंदर से खोखला कर देता है। इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, मेडिकल स्टोरों पर कड़ी निगरानी तथा जन-जागरूकता बहुत जरूरी है। श्री पाठक ने कहा कि बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी प्रतिबंधित या नशीली दवा मेडिकल स्टोरों पर नहीं बिकनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विदुषी मक्कर ने किया तथा आभार डॉ. हेमंत शांडिल्य ने माना।
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