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अड़ींग पंचायत 39 करोड़ की ग्रांट में गड़बड़ी, जांच दर जांच, फिर भी न आई आंच

Gargachary Times 13 August 2026, 19:17 38 views
Mathura
अड़ींग पंचायत 39 करोड़ की ग्रांट में गड़बड़ी,  जांच दर जांच, फिर भी न आई आंच
मथुरा। गोवर्धन क्षेत्र की ग्राम पंचायत अड़ींग में 39 करोड़ की परफॉर्मेंस ग्रांट की अनवरत जांच और व्यापक गड़बड़ियों के बाद भी आंच आती नजर नहीं आ रही है। गत अप्रैल से एक तरफ डीएम के आदेश पर जिला स्तरीय एवं लोक आयुक्त के निर्देश पर आगरा मण्डल स्तरीय टीम जांच कर रही हैं। जिला स्तरीय टीम के प्रभारी एसडीएम अखिलेश कुमार 16 मई को पत्रावलियों को ले जाने के बाद गुरुवार को सुबह 7 बजे गांव पहुंचे और रतन पार्क उत्सव केन्द्र का निरीक्षण किया। टीम ने चंद सी सी सड़कों की पैमाइश भी की लेकिन सड़क में गिट्टी मानक से कितनी कम डली यह नहीं जांचा। अड़ींग पंचायत में गड़बड़ियों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि जांच अधिकारियों को फाइलों के निरीक्षण में ही चार माह गुजर गये। डीएम ने अप्रैल में विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। इसके प्रभारी तत्कालीन एसडीएम न्यायिक छाता अखिलेश कुमार को बनाया। वह गत 16 मई को गांव पहुंचे और एक सैकड़ा पत्रावलियों को साथ ले गए। इसके बाद एक रोज टीम के अन्य सदस्य सी सी सडक नापते नजर आए लेकिन किसी ग्रामीण को यह नहीं बताया कि जांच चल रही है। 13 अगस्त को जांच समिति के प्रभारी एसडीएम ने रतन पार्क उत्सव केन्द्र देखा। यहां ग्रामीणों ने आर ओ प्लांट चालू न होने एवं सोलर हाईमास्ट लाइटें खराब होने की शिकायत की तो पंचायत सचिव न दो बार बीच में ही ग्रामीणों की बात काटकर लाइटें जलती हैं कहना शुरू कर दिया। इस पर एस डी एम भड़क गए और सचिव को कड़ी फटकार लगाई। जब ग्रामीणों ने आर ओ न चलने तथा खराब हाईमास्ट लाइटों की लिखित शिकायत कर दी तो प्रधान समर्थित लोगों ने ग्रामीणों को धमकाने का प्रयास तक किया। इसके अलावा ब्रज वाटिका कालोनी व उससे सटी कालोनी की चंद सड़कों की नाप भी टीम ने की। टीम ने किसी सड़क में मानक से गिट्टी कितनी कम डली है यह जांचने को सेंपिलिंग नहीं की। ग्रामीणों का आरोप है हर सड़क में मानक से काफी कम गिट्टी डाली गई है। 21 अप्रैल को लोक आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 8 मई को राजेश कुमार अपर नगर आयुक्त प्रशासन आगरा ने डा. कंचन सरन , अपर आयुक्त न्यायिक के निर्देशन में तीन सदस्यीय मण्डलीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति ने शिकायत कर्ता से जांच हेतु बिन्दु मांगे। इसके बाद केवल सचिवों व प्रधान के बयानों से ज्यादा कुछ नहीं हुआ। मण्डलीय टीम आज तलक गांव में जांच को नहीं आई। परिवादी अजीत सैनी ने लोक आयुक्त को मण्डलायुक्त द्वारा गठित टीम के गांव में आकर जांच न करने की शिकायत की है। इस मामले में जिला स्तरीय समिति के प्रभारी एसडीएम अखिलेश कुमार से जानकारी चाही तो उनका फोन नहीं उठा। व्हाट्सएप्प मैसेज का भी उन्होंने जबाब नहीं दिया। गड़बड़ी -60 लाख करीब की सोलर स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइटें सूर्या की नकली हैं। -अडींग बाईपास स्थित श्मशान में पंचायत ने एक अन्त्येष्टि स्थल बनाया, दो के 4-4 लाख निकले। -मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना से बने श्मशान का पूरा पैसा पहले निकला, काम शिकायत के बाद हुआ। -विश्वकर्मा मार्केटिंग काम्प्लेक्स की दुकानों की अखबार में गजट के बाद भी सार्वजनिक बोली नहीं हुई। -करोडों के ऐसेट बारातघर, स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स को भी सार्वजनिक बोली से किसी को सुपुर्द नहीं। -12 सदस्यों के पद त्याग और बोर्ड भंग होने के बाद भी डीपीआरओ ने कराई एक करोड़ की निकासी। -पंचायत में शासनादेश के खिलाफ खरीदा ट्रैक्टर, एक ट्राली खरीदी पर आई नहीं। -70 लाख करीब के आर ओ प्लांट व सोलर स्टेशन पड़े हैं अनुपयोगी
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