ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस, तरल अपशिष्ट का समुचित रुप से निस्तारण हो सकेगा: डीएम
Gargachary Times
16 July 2025, 21:05
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Bulandshahr
जनपद बुलन्दशहर (सर्वेश कुमार ) विकास खंड खुर्जा के अंतर्गत ग्राम पंचायत शहजादपुर कनेनी (आजमाबाद) में बनाये गए ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन , मॉडल ग्राम एवं स्वच्छता, नवाचार प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र का जिलाधिकारी श्रुति ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए केंद्र पर ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अपनाई जा रही विधि के बारे में देखते हुए जानकारी ली। जिलाधिकारी ने सम्बोधित करते हुए अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस, तरल अपशिष्ट का समुचित रुप से निस्तारण हो सकेगा। बताया गया कि इस प्रशिक्षण केन्द्र में 14 ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबन्धन के मॉडल है। ग्रे वॉटर के लिए सॉक पिट मॉडल, ग्रे वॉटर के लिए मैजिक पिट एवं परिवर्तित मैजिक पिट मॉडल, व्यक्तिगत शौचालय के लिए ट्विन लीच पिट, ट्विन लीच पिट प्रणाली के लिए पिट कवर, वर्मी कम्पोस्टिंग, विंड्रो कम्पोस्टिंग, सामुदायिक स्तर पर नाडेप पिट, सामुदायिक कम्पोस्टर, मटका कम्पोस्टिंग, प्री-फैब्रिकेटेड बायोगैस प्लांट: गोबर, रसोई कचरा एवं सेप्टेज का सह-उपचार, प्लास्टिक श्रेडिंग मशीन, सेप्टेज निस्तारण के लिए ट्रेंच के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है। मॉडल के कार्य के बारे में प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश के जनपदों से आए 24297 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पीपीटी के माध्यम से केंद्र पर संचालित मॉडल के बारे में जिलाधिकारी को विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
केंद्र पर घरेलू अपशिष्ट को लाने के लिए डोर टू डोर कलेक्शन की व्यवस्था भी की गई है। वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार होने में लगभग 45 दिन का समय लगता है। वर्मी कंपोस्ट खाद को केंद्र के साथ साथ ऑनलाइन भी बेचने के लिए व्यवस्था की गई है। किसानों द्वारा भी प्रशिक्षण लेकर स्वयं भी वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है। स्कूली बच्चों द्वारा भी केंद्र पर विजिट करते हुए अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए अपनाए जाने वाली विधि के बारे में जानकारी ली जाती है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए भी सप्ताह में एक दिन केंद्र पर एक्टिविटी कराई जाती है। स्थानीय लोगों को रोजगार भी केंद्र पर दिया जा रहा है। इस अवसर पर डीपीआरओ नवीन कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।