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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं युवा पीढ़ी, मोबाइल रील बनाने के चक्कर में एक साथी ने दूसरे को गोली मारी

Gargachary Times 16 August 2026, 20:50 40 views
Dholpur
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं युवा पीढ़ी, मोबाइल रील बनाने के चक्कर में एक साथी ने दूसरे को गोली मारी
डा हरिप्रकाश लवानिया धौलपुर सोशल मीडिया आज के डिजिटल योग का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सम्मेलन सिविल विषय बन चुका है युवा पीढ़ी के जीवन का महत्वपूर्ण समय फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब एवं व्हाट्सएप जैसे प्लेटफार्म पर व्यतीत हो रहा है अब सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन रहकर भारतीय युवाओं के जीवन शैली सोच एवं अभिव्यक्ति का मुख्य केंद्रकेंद्र बन चुका है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म युवाओं के संवाद करने सीखने एवं अपनी बात रखने के प्रमुख मंच बन गए हैं दुनिया में सबसे युवा जनसंख्या वाले देश भारत में यह डिजिटल क्रांति का एक बड़ा अवसर भी है और क्रांति भी सोशल मीडिया ने पारंपरिक रोजगार के दायरे को तोड़ा है आज का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि कंटेंट क्रिएशन डिजिटल मार्केटिंग इनफ्लुएंसर मार्केटिंग एवं ऑनलाइन बिजनेस के माध्यम से खुद के अवसर पैदा कर रहा है ऑनलाइन अभियानों के जरिए युवा जनमम तैयार करने और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचने में सक्षम हुए हैं शैक्षिक आप के माध्यम से दूर दराज के युवा भी मुफ्त या किफायती दरो पर नई भाषण कोडिंग और पेशेवर कौशल सीख रहे हैं अविष्कार नकारात्मक पक्ष भी देख लेते हैं धौलपुर जिले के कंचनपुर थाने के कुरैदा गांव में 15 वर्षी यह पढ़ाई में होशियार नाबालिक राजवीर बघेल ने पिछली साल फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली आत्महत्या का कारण केवल इतना था की मोबाइल में लगातार गेम खेलने की आदत का जब उसके पिता को पता लगा तो पिता ने उसे डांट लगा दी दूसरी घटना 11 अगस्त को धौलपुर जिले के सैंपऊ थाने के तसीमो ग्राम पंचायत मुख्यालय पर घटित हुई जहां एक नाबालिक साथी ने अपने ही दूसरे साथी पर अवैध हथियार से इसलिए गोली दाग दी की रील्स बनाने के ऊपर आपस में कहा ससुनी हो गई थी हालाकि पुलिस ने 24 घंटे में इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया जिसके लिए वह बधाई की पात्र है लगातार रेल एस एवं पोस्ट देखने से युवाओं में होमो साइबर बुलिंग एवं दूसरों के जीवन से तुलना करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है परिणाम स्वरुप अवसाद तनाव एवं अकेलेपन की समस्या भी बढ़ रही हैं जिस समय अध्ययन करना चाहिए उसे समय इसका अधिकांश समय मोबाइल पर व्यतीत हो रहा है जिससे शारीरिक एवं मानसिक तनाव में बढ़ोतरी हो रही है एकाकीपन बढ़ रहा है सोशल मीडिया एक उधारी तलवार की तरह है इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि इसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है भारतीय युवाओं को अपनी ऊर्जा एवं समय का सही इस्तेमाल करने के लिए संयमित्र उपयोग की आदत डालनी पड़ेगी पहले हम सुधरेंगे तभी बच्चे सुधरेंगे बच्चों के सामने मोबाइल बंद रखें आवश्यक को तभी फोन से बात करें रेल एवं अन्य मनोरंजन एवं वीडियो देखना बंद करें बच्चों को अच्छे परिणाम लाने के लिए मोबाइल का प्रॉब्लम ना दिन बच्चों के साथ समय बताएं तथा मोबाइल से होने वाले नुकसानों की जानकारी बच्चों को दें बच्चे मोबाइल पर क्या देखना चाहते हैं उसके लाभ हानि नियमित रूप से समझाएं हम सुधरेंगे तभी हमारी पीढ़ी सुधरेगी
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