ट्रॉसफार्मर, ट्रॉसफार्मर बदलने के नाम पर किसी का शोषण न हो-जिलाधिकारी
Gargachary Times
18 August 2026, 20:33
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Mainpuri
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक में बिजली आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मरों, फॉल्ट, रिस्पांस टाइम, स्मार्ट मीटर, बिलिंग, राजस्व वसूली तथा लाइन-लॉस वाले फीडरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए विभाग के अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्युत व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, किसानों, आम उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान कराकर उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाया जाए। उन्होने खराब ट्रांसफार्मरों को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि फॉल्ट होना अलग विषय है लेकिन ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद उसे कई-कई दिन तक न बदलना गंभीर लापरवाही है, संबंधित एस.डी.ओ., जे.ई. को अपने क्षेत्र के प्रत्येक फीडर, ट्रांसफार्मर की स्थिति की जानकारी होनी चाहिए, ट्रांसफार्मर खराब होने के 48 घंटे के भीतर बदलवाना सुनिश्चित किया जाए यदि स्टोर में ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं है तो अधिशाषी अभियंता, उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत कराकर व्यवस्था करायें, ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर किसी से अवैध वसूली न हो, सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लाइन-लॉस वाले फीडर को चिन्हित कर वहां कैंप लगाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कराया जाए, सुधार न होने की दशा में उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रवर्तन की कार्यवाही की जाए।
श्री त्रिपाठी ने कृषि, फीडरों की आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा कि धान की फसल के लिए आने वाले समय में सिंचाई की आवश्यकता बढ़ेगी इसलिए कृषि के डेडिकेटेड फीडरों पर कम से कम 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए यदि किसी फीडर पर निर्धारित अवधि से कम आपूर्ति हो रही है तो फॉल्ट की स्थिति में तत्काल टीम भेजकर आपूर्ति बहाल कराई जाए। उन्होने फॉल्ट, रिस्पांस टाइम को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि फॉल्ट होने के बाद टीम की मोबिलाइजेशन तेज हो, जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो, संबंधित एस.डी.ओ., जे.ई. अपने क्षेत्रों में फॉल्ट की निगरानी करें तथा उपभोक्ता से शिकायत आने का इंतजार न करें, उपभोक्ता को 1912 जैसी शिकायत व्यवस्था का लाभ मिले लेकिन स्थानीय स्तर के अधिकारियों को अपने क्षेत्र की खराबी की जानकारी स्वयं हो। उन्होने स्मार्ट मीटर एवं अधिक बिल आने की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए 15 दिन का रोस्टर तैयार कर विशेष विद्युत समाधान कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और बिलिंग की वास्तविक स्थिति जानने के लिए रैंडम तौर पर अधीक्षण अभियंता द्वारा कम से कम 05, अधिशाषी अभियंताओं द्वारा 10-10, उप खंड अधिकारियों द्वारा 25-25 एवं अवर अभियंताओं द्वार 40-40 उपभोक्ताओं के मीटर और बिल की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मीटर रीडरों के संबंध में लगातार शिकायतें हैं या लंबे समय से एक ही क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, उनका आवश्यकतानुसार क्षेत्र परिवर्तन किया जाए, नियमित फीडबैक लिया जाए और शिकायत वाले कर्मचारियों की कार्य-प्रणाली की समीक्षा की जाए। उन्होने अगले 15 दिनों के लिए विशेष अभियान संचालित कर बिजली के बड़े बकायेदारों से वसूली की जाए। बैठक में नए फीडर, विद्युत उपकेंद्रों के लिए भूमि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गयी, संबंधित अधिकारियों को भूमि संबंधी लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए, परौंख क्षेत्र में प्रस्तावित फीडर के लिए भूमि उपलब्ध कराने, फैजपुरा स्थित नए विद्युत सब स्टेशन को शीघ्र प्रभावी रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चंद्र, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, भोगांव, किशनी, कुरावली श्याम प्रताप सिंह, सुनिष्ठा सिंह, मिथिलेश कुमार त्रिपाठी, नवनीता राय, प्रदीप कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत मुकेश कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत अनिल वर्मा, सहायक, अवर अभियंता, उप खंड अधिकारी विद्युत आदि उपस्थित रहे।