किसान समाधान दिवस में किसानों की समस्याओं का हुआ समाधान, उर्वरकों की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
Gargachary Times
19 August 2026, 20:07
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Firozabad
फिरोजाबाद। विकास भवन सभागार में बुधवार को किसान समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य ने जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को बताया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा ओवररेटिंग करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि खतौनी में अंश निर्धारण एवं नाम सुधार के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर राजस्व विभाग के माध्यम से त्रुटियों का सुधार करा सकते हैं। बिजली बिल में सुधार और विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत को भी निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विगत तीन वर्षों के लाभार्थी किसानों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।उप कृषि निदेशक सत्येंद्र प्रताप सिंह ने किसानों को बताया कि प्रत्येक गुरुवार को जनपद में फॉर्मर रजिस्ट्री स्पेशल ड्राइव अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्राम सचिवालयों में लेखपाल, ग्राम सचिव, पंचायत सहायक एवं कृषि विभाग के कार्मिक किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने वंचित किसानों से अनिवार्य रूप से फॉर्मर रजिस्ट्री बनवाने की अपील की, ताकि उन्हें समय से खाद एवं बीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। इच्छुक किसान बैंक अथवा जनसेवा केंद्र के माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोमेश गुप्ता ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा खुरपका-मुंहपका एवं एलएसडी जैसी पशु बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीमें गांवों में पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। पशु संबंधी आपात स्थिति में किसान टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक ओमकार सिंह ने किसानों को मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संतुलित एवं आवश्यकता के अनुसार उर्वरक इस्तेमाल करने से लागत कम करने के साथ उत्पादन और मुनाफा बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने खेतों में हरी खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने की सलाह दी।वरिष्ठ वैज्ञानिक पृथ्वी पाल सिंह ने किसानों को अमरूद, नींबू एवं शिमला मिर्च में लगने वाले विभिन्न कीटों और उनके उपचार के संबंध में समसामयिक जानकारी दी।
किसान समाधान दिवस में सहकारिता विभाग के प्रतिनिधि आलोक कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रमनकांत, लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रविंद्र कुमार, मंडी समिति सचिव अभिषेक कुमार, मत्स्य निरीक्षक कौशलेन्द्र प्रताप, उद्यान निरीक्षक रमनदीप, अवर अभियंता विद्युत राहुल प्रताप, सहायक अभियंता सिंचाई हाकिम सिंह, दुग्ध संघ के प्रतिनिधि रामबाबू, फसल बीमा प्रतिनिधि मयंक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।इसके अलावा प्रगतिशील किसान विष्णुदत्त शर्मा, प्रेमपाल, राजन सिंह, सुरेश चंद्र भाटिया, मोहन सिंह, रामवीर सिंह, रवेंद्र सिंह, दीपक सिंह, रमाशंकर, यादराम, राजीव कुमार, रामेश्वर सहित जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत में उप कृषि निदेशक ने सभी अधिकारियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया।