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लेखपाल द्वारा वकील से सुविधा शुल्क मांगे जाने पर हुआ विवाद ने तूल पकडा

Gargachary Times 19 August 2026, 20:08 46 views
Jalaun
लेखपाल द्वारा वकील से  सुविधा शुल्क मांगे जाने पर हुआ विवाद ने तूल पकडा
कोंच अधिवक्ता और लेखपाल के बीच सुविधा शुल्क की रकम को लेकर मंगलवार की शाम हुआ विवाद बुधवार को एसडीएम अभिनव कुमार की मध्यस्थता में निपट गया। वकीलों की अगर मानें तो एसडीएम के यहां से बुलावा आने के बाद तहसील स्थित विजय बारहदरी में बार संघ आम सभा की बैठक अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुर्जर की अध्यक्षता और महामंत्री विनीत श्रीवास्तव के संचालन में संपन्न हुई जिसमें एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया और एसडीएम के यहां वार्ता के लिए भेजा गया। करीब दो दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों में 'न तुम जीते न हम हारे' सुलह समझौता हो गया। इस तरह मंगलवार की शाम को हुई जूतमपैजार का पटाक्षेप बुधवार की शाम तक हो गया।बुधवार शाम तीन बजे हुई वकीलों की बैठक में मामले का पटाक्षेप किए जाने की थीम पर आधारित थी जिसमें एसडीएम से वार्ता के लिए बनाए गए प्रतिनिधि मंडल में बार संघ अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुर्जर, महामंत्री अभिनीत श्रीवास्तव,अवधेश कुमार द्विवेदी, संजीव तिवारी, राघवेंद्र निरंजन आदि को शामिल किया गया। इन लोगों ने जाकर एसडीएम से वार्ता की। उधर, लेखपालों से भी वार्ता कर एसडीएम ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। एसडीएम अभिनव कुमार ने खुद इसकी पुष्टि की है तो बार संघ अध्यक्ष ने भी मामला निपट जाने पर मोहर लगाई है। गौरतलब है कि भूमि प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर मंगलवार शाम करीब पांच बजे तहसील परिसर में अधिवक्ता और लेखपाल के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। अधिवक्ता पर जूता मारने का आरोप लगाया है।अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद जाटव का आरोप है कि वह अपने मुवक्किल का भूमि प्रमाण पत्र 61 (ख) बनवाने लेखपाल कृष्ण बिहारी के पास गए थे।भूमि प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए लेखपाल ने उनसे 100 रुपये मांगे। रुपये देने से इंकार करने पर लेखपाल ने उनके साथ मारपीट की और जेब में रखे 500 रुपये निकाल लिए। किसी तरह उन्होंने वहां से भागकर जान बचाई। उन्होंने आरोपी लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। वहीं लेखपाल कृष्ण बिहारी का आरोप है कि अधिवक्ता बिना निरीक्षण कराए भूमि प्रमाण पत्र बनवाने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने अधिवक्ता से कहा था कि शासकीय कार्य निपटाने के बाद मौके का निरीक्षण कर प्रमाण पत्र बनाया जाएगा, लेकिन वह नहीं माने। आरोप है कि अधिवक्ता ने गाली-गलौज करते हुए शासकीय अभिलेख फेंक दिए और उनके ऊपर जूता फेंककर मारा। उनके साथ अन्य अधिवक्ता भी थे जिससे विवाद बढ़ गया। लेखपालों ने अधिवक्ताओं पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। बाद में एकजुट हुए लेखपालों ने एसडीएम अभिनव कुमार यादव को ज्ञापन देकर अधिवक्ताओं पर गाली-गलौज, शासकीय अभिलेख फेंकने और धमकी देने का आरोप लगाया। वहीं अधिवक्ता ने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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