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एसएसपी ने 3000 विद्यार्थियों को दिए सफलता के छह मंत्र, बोले- इंसानियत कभी न खोएं

Gargachary Times 20 August 2026, 20:56 30 views
Firozabad
एसएसपी ने 3000 विद्यार्थियों को दिए सफलता के छह मंत्र, बोले- इंसानियत कभी न खोएं
फिरोजाबाद: ‘सफलता का मार्ग अधिकारियों के साथ’ विशेष संवाद श्रृंखला के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से जुड़े करीब 3000 विद्यार्थियों तथा दाऊ दयाल गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद 80 से अधिक छात्राओं को कैरियर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत के जरिए सफलता हासिल करने के मूल मंत्र बताए। एसएसपी आदित्य लांग्हे ने कहा कि जीवन में सबसे जरूरी एक अच्छा इंसान बनना है। अच्छा इंसान ही अपने द्वारा धारण किए गए किसी भी पद के साथ सच्चा न्याय कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में कैरियर की कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंचें, लेकिन अपनी इंसानियत को कभी न खोएं। सोशल मीडिया पर समय बर्बाद न करें एसएसपी ने विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग की सलाह देते हुए कहा कि सोशल मीडिया की रील और ऑनलाइन दिखावे से प्रभावित होने के बजाय अपने समय को पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास में लगाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन दो घंटे फोन पर व्यर्थ बिताता है तो सालभर में करीब 700 घंटे यानी लगभग एक महीने के बराबर समय बर्बाद हो जाता है।उन्होंने कहा कि सफलता या बदलाव रातों-रात नहीं मिलता। मेडिकल, इंजीनियरिंग, सिविल सर्विसेज सहित जिस भी क्षेत्र को विद्यार्थी चुनें, उसमें आगे बढ़ने के लिए रोज ईमानदारी से समय देना और स्वयं का आकलन करना जरूरी है। लक्ष्य तय करने की कोई उम्र नहीं एसएसपी ने कहा कि सपनों को चुनने के लिए एक्सपोजर जरूरी है। लक्ष्य तय करने की कोई निश्चित उम्र या समय सीमा नहीं होती। कोई बचपन में तो कोई 10वीं, 12वीं या कॉलेज के बाद अपना लक्ष्य चुनता है। महत्वपूर्ण यह है कि लक्ष्य के प्रति अंदर से प्रेरणा हो, ताकि आधे रास्ते में थकान या समय का नुकसान न हो।उन्होंने अलग-अलग आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र-छात्राओं को अभिभावकों की मेहनत और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने की सलाह दी। विद्यार्थियों से उन्होंने खुद से यह सवाल पूछने को कहा कि वे अपने अवसर और बनाई गई योजना के साथ कितना न्याय कर रहे हैं। असफलता से सीखने की दी सीख एसएसपी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शुरुआती दौर में कम अंक मिलना इस बात का प्रमाण नहीं है कि आगे बेहतर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। बैटमैन के उदाहरण के माध्यम से उन्होंने कहा कि इंसान गिरता है, ताकि वह सीख लेकर दोबारा उठ सके। असफलताएं जीवन में सुधार करने और नई चीजें सीखने का अवसर देती हैं। संविधान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का महत्व बताया एसएसपी ने विद्यार्थियों को संविधान की महत्ता समझाते हुए कहा कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी भारतीय संविधान से प्रभावित है। संविधान हमें केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि जिम्मेदारियां भी सौंपता है। धर्म, जाति, रंग या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव न करना और सभी को साथ लेकर चलना सच्चे संवैधानिक मूल्यों का हिस्सा है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया और कहा कि किसी बात को अंधविश्वास के रूप में स्वीकार करने के बजाय तथ्यों और तर्क के आधार पर परखा जाना चाहिए। स्मार्टफोन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करें एसएसपी ने विद्यार्थियों को स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट डिवाइस कई बार हमसे ज्यादा स्मार्ट तरीके से हमें उलझाकर हमारा कीमती समय खराब करते हैं। इसलिए स्मार्टफोन का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मित्रता के चुनाव में भी सावधानी बरतने की सलाह दी। अच्छे मित्र बनाएं, जो कैरियर में सही दिशा देने वाले और सहयोगी साबित हों तथा किसी प्रकार से भ्रमित न करें। एसएसपी ने बताए सफलता के छह मूल मंत्र कार्यक्रम के अंत में एसएसपी आदित्य लांग्हे ने विद्यार्थियों को सफलता के छह मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि बड़ा लक्ष्य और सपना देखें, लेकिन शुरुआत छोटे एवं व्यावहारिक कदमों से करें। प्रतिदिन लगातार और अनुशासित मेहनत करें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इसलिए लगातार ज्ञान अर्जित करते रहें। असफलताओं से घबराएं नहीं, बल्कि अपनी गलतियों को स्वीकार कर उनसे सीखें। स्वभाव में विनम्रता रखें और कमजोर साथियों की मदद करें। सबसे महत्वपूर्ण है कि नैतिकता और चरित्र को कभी न खोएं। कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राओं ने एसएसपी से अपने कैरियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उन्होंने समुचित जवाब दिया। कार्यक्रम के बाद छात्राएं एसएसपी से मिलकर काफी उत्साहित नजर आईं।इस अवसर पर प्रधानाचार्य अंजुम रियाज, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
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