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डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ जिला स्तरीय पंच सम्मेलन

Gargachary Times 21 August 2026, 20:31 1 views
Mathura
डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ जिला स्तरीय पंच सम्मेलन
ललित उपाध्याय संवाददाता मथुरा। डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ जिला स्तरीय पंच सम्मेलन। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं ग्राम्य विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार तथा जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संवेदीकरण हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का भव्य एवं सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित तथा माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक बलदेव पूरन प्रकाश एवं अन्य उपस्थित जनप्रतिनिधियों को पुष्पगुच्छ व पटुका भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 पूजा गुप्ता द्वारा जिलाधिकारी को तथा उपायुक्त श्रम एवं रोजगार विजय कुमार पाण्डेय द्वारा मुख्य विकास अधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने 'विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025' के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस दौरान ग्राम पंचायतों की विकसित एवं समग्र कार्ययोजनाओं के निर्माण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड के सुचारु व पारदर्शी प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं उपयोगी सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, स्वतः रोजगार (NRLM) के माध्यम से ग्रामीण आजीविका के संवर्धन तथा विकास कार्यों में जवाबदेही व समयबद्ध मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार एवं विकास से संबंधित एक नया कानून है। इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करके और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देकर ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप ढालना है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी दी गई है, जो पूर्व में मनरेगा में 100 दिन थी। यह अधिनियम केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद 01/07/2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हो गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, रियल-टाइम मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग एवं डीबीटी के माध्यम से भुगतान अनिवार्य किया गया है। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिन में किया जाएगा, विलंब पर मुआवजा देय होगा। ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया कि कार्य चार प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े होंगे - जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका अवसंरचना और मौसम प्रतिकूलता से निपटने के उपाय। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार योजना नहीं बल्कि गांव को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन है। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक बलदेव पूरन प्रकाश , मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, क्षेत्र पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि फरह अनिल सिंह, क्षेत्र पंचायत प्रशासक गोवर्धन विपिन सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 पूजा गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट / बीडीओ चौमुहां सलोनी गौतम, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार विजय कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी, समस्त ग्राम पंचायत सचिव तथा जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों के प्रशासक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन खंड विकास अधिकारी मांट अभिमन्यु सेठ द्वारा किया गया।
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