बाबा विश्वनाथ के दरबार में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, जापानी मेहमानों ने महसूस की काशी की आध्यात्मिक आत्मीयता
Gargachary Times
23 August 2026, 17:47
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Varanasi
जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में भारत आए जापानी प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बौद्ध विरासत को करीब से जाना। रविवार को प्रतिनिधिमंडल के करीब 15 प्रमुख सदस्यों ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए और उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर पहुंचने पर जापानी मेहमानों का रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।
जापानी मेहमानों को मंदिर में देखकर श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष कर उनका स्वागत किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं के साथ ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भारत-जापान की सांस्कृतिक आत्मीयता की सुंदर झलक देखने को मिली।
सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचे जापानी मेहमान काशी में उमड़ी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर अभिभूत नजर आए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए योगी सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं, विशेषकर बेहतर क्राउड मैनेजमेंट, की सराहना की। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भव्य और दिव्य काशी विश्वनाथ धाम की आध्यात्मिक आभा को भी निहारा।
यूपी के विकास विजन और ग्रीन एनर्जी की सराहना
यामानाशी प्रिफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने उत्तर प्रदेश सरकार के विकास विजन की सराहना की। उन्होंने प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। प्रतिनिधिमंडल ने काशी में आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास के समन्वय को करीब से देखा और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत के विकास को नई गति मिली है। यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में जापानी प्रतिनिधिमंडल का काशी आगमन भारत-जापान की मजबूत होती सांस्कृतिक और पर्यटन साझेदारी का प्रतीक है। सारनाथ में भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन से जापानी मेहमानों ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक एवं बौद्ध विरासत को करीब से जाना। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के विकास विजन, बेहतर क्राउड मैनेजमेंट और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की है।” उन्होंने कहा कि यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के माध्यम से पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खुले हैं। काशी की यात्रा दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निवेश और सहयोग के नए अवसर
240 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के तहत भारत आया है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश एवं सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी हुए हैं। वाराणसी दौरे के दौरान जापानी मेहमानों ने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के साथ प्रदेश के विकास, आधुनिक व्यवस्थाओं और निवेश की संभावनाओं को भी करीब से समझा। जापानी प्रतिनिधिमंडल का काशी दौरा इस बात का संदेश देता है कि बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी और भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ अब भारत-जापान के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहे हैं।