जन जागरुकता अभियान चलाकर मिशन शक्ति, विधिक सेवाओं एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के प्रति किया जागरूक
Gargachary Times
8 September 2025, 20:23
110 views
Firozabad
ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अतुल चौधरी एवं मिशन शक्ति हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन की अधिकारी ज़िला मिशन कोऑर्डिनेटर अनम अकाशा के निर्देशन में पीएलवी प्रवीन कुमार शर्मा ने एक अनूठी शुरुआत की पहल करते हुए विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर जनपद के ग्राम चंद्रवाड में यमुना किनारे स्थित पसीने वाले हनुमान मंदिर के निकट जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए कुष्मांडनी कुण्ड पर विकास मंत्रालय भारत सरकार के 10 दिवसीय मिशन शक्ति हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन जागरूकता अभियान के तहत दो दिवसीय "लीगल अवेयरनेस कैंप" का आयोजन किया। जिसमें, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और हब फॉर एंपावरमेंट ए वुमन की टीम ने संयुक्त रूप से श्रद्धालुओं को आगामी 13 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत एवं विधिक सेवाओं के साथ साथ महिला एवं बाल संबंधी अधिकारों व अधिनियमों से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए पंपलेट वितरण कर जागरूकता विकसित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय लोक अदालत, पर्यावरण संरक्षण एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया।
दो दिवसीय "लीगल अवेयरनेस कैंप" में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और हब फॉर एंपावरमेंट ए वुमन की टीम सहित कल्पना राजौरिया, सपना शर्मा एवं प्रवीन कुमार शर्मा ने सरकार द्वारा संचालित महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090, कन्या सुमंगला योजना, विवाह अनुदान योजना, श्रमिक कल्याण आदि योजनाओं व टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों के साथ साथ महिला एवं बाल संबंधी अधिकारों व अधिनियमों से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए श्रद्धालुओं को लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और कानूनी अधिकारों के विषय में बताया कि, कैसे इस व्यवस्था का लाभ उठाकर समाज में समय और संसाधनों की बचत की जा सकती है। साथ ही उन्होंने, यह भी अपील की, कि वे इस जानकारी को अपने परिवार और आसपास के अन्य लोगों तक भी इसे पहुंचाएं। ताकि, अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ ले सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि, आगामी 13 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। लोक अदालत न्यायपालिका की एक सुलभ और प्रभावी व्यवस्था है, जिसमें विवादों का निस्तारण आपसी सहमति से कराया जाता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक अदालतों की तुलना में अधिक तेज़ और बिना किसी आर्थिक बोझ के होती है। लोक अदालत में होने वाले समझौतों को अंतिम निर्णय की तरह माना जाता है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विभिन्न संस्थाओं से वरिष्ठ समाज सेविका कल्पना राजौरिया एवं जन आधार कल्याण समिति सचिव प्रवीन कुमार शर्मा सहित, सपना शर्मा, कश्मीर सिंह, भगवान दास शंखवार, योगेंद्र प्रकाश जैन, विकास बंसल, मुकेश बंसल, सीमा गुप्ता, कृष्ण मोहन चक्रवर्ती, दिलीप कुमार प्रजापति, राजेश दुबे, सुनील दत्त गुप्ता, धर्मेंद्र जैन रॉकी, सीमा उपाध्याय व अन्य समाज सेवी उपस्थित रहे।