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मायावती का तंज- धनवान सरकार की गरीब जनता, GDP के आंकड़ों पर उठाए सवाल

Gargachary Times 4 September 2026, 19:00 39 views
Lucknow
मायावती का तंज- धनवान सरकार की गरीब जनता, GDP के आंकड़ों पर उठाए सवाल
बसपा सुप्रीमो मायावती ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट के आंकड़ों पर शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर तंज कसते हुए पोस्ट किया। लिखा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी ग्रोथ के सरकारी दावों को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है। महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रही जनता हैरान है कि वह किस पर भरोसा करे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों के संबंध में लिए गए हालिया फैसले पर भी सवाल उठाए। जुगाड़ के आंकड़े चिंताजनक मायावती ने कहा कि अगर सरकार के दावे प्रथम दृष्टया सही हैं तो अच्छी बात है, लेकिन यदि ये 'जुगाड़ के आंकड़े' हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस विकास दर का लाभ देश की गरीब और मेहनतकश जनता को कैसे मिल रहा है। जीडीपी ग्रोथ का लाभ आम लोगों को क्यों नहीं मिल पा रहा है। बसपा प्रमुख ने कहा कि आंकड़े अपनी जगह हैं, लेकिन असल विकास वही है जो जमीनी हकीकत में दिखे, जनता के जीवन में समतामूलक परिवर्तन लाए और लोग खुशहाल बनें। सिर्फ आंकड़ों से देश का विकास नहीं हो सकता। सच्चाई ये है कि आम लोग महंगाई से कराह रहे हैं। बेरोजगार लोग सड़क पर लाठियां खा रहे हैं। बसपा अध्यक्ष ने चेताया कि अगर जीडीपी वृद्धि का लाभ जनता को महसूस नहीं हुआ, तो देश के लगभग 140 करोड़ लोग 'धनवान सरकार की गरीब जनता' का बोझ ढोने को मजबूर रहेंगे। 'अच्छे दिन' तभी आएंगे जब बहुजन समाज गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से मुक्त होकर आत्म-सम्मान का जीवन जियेगा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स सेवा निगम के गठन, मानदेय बढ़ाने और 20 लाख कर्मचारियों को सुरक्षा कवर देने के फैसले पर सवाल उठाए। मायावती ने कहा कि मानदेय बढ़ाने से कहीं बेहतर होता कि लोगों को सीधे सरकारी नौकरियां दी जातीं। लाखों सरकारी पदों को इस तरह आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरकर सिर्फ युवाओं के सपने को छला जा रहा है। आज की महंगाई में 20 हजार में कोई युवा कैसे अपना परिवार चला सकता है।
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