मथुरा में पहली बार आसमान में साकार हुईं श्रीकृष्ण की लीलाएं, ड्रोन शो ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
Gargachary Times
5 September 2026, 20:12
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Mathura
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी के उल्लास के बीच पहली बार आयोजित भव्य ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति कराई। आकाश में सैकड़ों ड्रोन की रोशनी से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं और स्वरूपों का सजीव प्रदर्शन किया गया। आसमान में जगमगाती आकृतियों को देखकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंत्रमुग्ध नजर आए।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से आयोजित इस विशेष ड्रोन शो में करीब 500 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। शाम ढलते ही आसमान में रंग-बिरंगी रोशनियों के बीच श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके विभिन्न दिव्य स्वरूपों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम देखने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक आसमान की ओर टकटकी लगाए रहे।
ड्रोन शो की शुरुआत मोर की आकृति से हुई। इसके बाद यशोदा मैया के साथ बाल कृष्ण, माखन चोरी करते कान्हा, गोपियों के साथ उनकी लीलाएं और अन्य धार्मिक प्रसंग आसमान में जीवंत होते दिखाई दिए। कृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को भी रोशनी और तकनीक के माध्यम से बेहद आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। आकाश में बनी विशाल आकृतियां कुछ ही क्षणों में भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूपों में परिवर्तित होती रहीं, जिसे देखकर श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण के उद्घोष किए।
कार्यक्रम के दौरान कृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव द्वारा उन्हें यमुना पार ले जाने और शेषनाग द्वारा बाल कृष्ण की रक्षा करने का दृश्य भी ड्रोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज संस्कृति से जुड़े प्रसंगों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
बारिश के कारण कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए व्यवधान भी आया और लोगों की चिंता बढ़ गई, लेकिन मौसम साफ होने के बाद ड्रोन शो दोबारा शुरू हुआ। देर रात तक चले इस आयोजन ने जन्माष्टमी के उत्सव में एक नया आकर्षण जोड़ दिया। आसमान में दिखाई दे रही रोशनी से सजी कृष्ण की लीलाओं को श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।
ड्रोन शो के माध्यम से ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के समापन पर आकाश में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रति आभार का संदेश भी प्रदर्शित किया गया। इस आयोजन ने जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्सव को और भी यादगार बना दिया।