डायट नगला अमान में ‘कवच’ शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, डीएम ने शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माता
Gargachary Times
8 September 2026, 22:10
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Firozabad
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नगला अमान में शिक्षकों को सुरक्षा एवं संरक्षा के प्रति संवेदनशील और दक्ष बनाने के उद्देश्य से ‘कवच’ सुरक्षा-संरक्षा शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल पर आधारित तीन दिवसीय माध्यमिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेश शिवा ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 सितंबर से 12 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।कवच’ शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किया गया विशेष सुरक्षा-संरक्षा शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना, उन्हें शारीरिक, मानसिक एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा शिक्षकों को बाल सुरक्षा कानून, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए दक्ष बनाना है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक शिक्षण कार्य में नवाचार और आधुनिक तकनीकों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। स्मार्ट क्लास एवं सीएलएम जैसी तकनीकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व एवं चरित्र का निर्माण करने वाले राष्ट्र निर्माता हैं।डीएम ने प्राथमिक स्तर पर बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने तथा निपुण लक्ष्य हासिल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर विद्यालयों में बेहतर वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया।सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेश शिवा ने प्रशिक्षुओं को बाल अधिकारों एवं विधिक प्रावधानों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षात्मक उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने डायट की बाल वाटिका में कक्षा-1 के बच्चों से मुलाकात की। बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकारी एवं रचनात्मक कार्यों को देखकर उन्होंने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की और बच्चों को टॉफियां भी वितरित कीं।