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मीटर खराब, फिर भी आश्रम में बिजली गुल नहीं! विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

Gargachary Times 11 September 2026, 19:54 84 views
Mathura
मीटर खराब, फिर भी आश्रम में बिजली गुल नहीं! विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
वृंदावन के पागल बाबा क्षेत्र स्थित बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले एक प्राचीन आश्रम में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए कथित वीडियो में आश्रम परिसर में बिजली की आपूर्ति होती दिखाई दे रही है, जबकि मौके पर लगा बिजली मीटर खराब अथवा निष्क्रिय नजर आ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मीटर काम नहीं कर रहा था तो बिजली की आपूर्ति किस आधार पर जारी रही? मामला महज खराब मीटर का नहीं, बल्कि विद्युत विभाग की निगरानी और जवाबदेही का भी है। यदि मीटर खराब था तो विभाग ने समय रहते उसे बदला क्यों नहीं? और यदि मीटर के बिना अथवा सीधे तार के माध्यम से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसकी जांच क्यों नहीं की? नियम आम उपभोक्ताओं के लिए ही हैं या प्रभावशाली परिसरों पर भी लागू होते हैं? आम उपभोक्ता के मीटर में खराबी या बिजली कनेक्शन से जुड़ी किसी गड़बड़ी पर विभाग तत्काल सक्रियता दिखाता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आश्रम के मामले में विभाग की कथित चुप्पी आखिर क्यों? क्या विभाग को मीटर की खराबी की जानकारी नहीं थी, या जानकारी होने के बावजूद इसे नजरअंदाज किया गया? स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि लंबे समय से मीटर खराब अथवा निष्क्रिय था, तो विभागीय रिकॉर्ड में इसकी स्थिति क्या दर्ज है? मीटर बदलने के लिए कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं? बिजली की खपत का आकलन किस आधार पर किया गया? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है। अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में मामले में संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि कनेक्शन की वास्तविक स्थिति क्या थी, मीटर कब से खराब था, विभाग को इसकी जानकारी कब मिली और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई। वहीं, एई शुभम अग्रवाल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि उनकी संलिप्तता अथवा किसी प्रकार की अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विभागीय जांच ही वास्तविक स्थिति सामने ला सकती है। वीडियो ने खोली विभागीय निगरानी की पोल? कथित वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल सिर्फ आश्रम को मिल रही बिजली का नहीं, बल्कि पूरे निगरानी तंत्र का है। यदि वास्तव में मीटर निष्क्रिय था और इसके बावजूद बिजली का उपयोग जारी रहा, तो यह विभागीय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब देखना होगा कि विद्युत विभाग इस मामले में सिर्फ औपचारिकता निभाता है या फिर कनेक्शन की जांच, मीटर की स्थिति, बिजली खपत और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की बाकायदा जांच कर जिम्मेदारी तय करता है। फिलहाल मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है और लोगों की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
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