स्वामी हरिदास महोत्सव में गूंजे ध्रुपद के स्वर, भक्तिमय भजनों से सराबोर हुआ ब्रजधाम
Gargachary Times
14 September 2026, 21:19
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Dharam
वृंदावन। श्री स्वामी हरिदासीय राधा प्रसाद सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित रसिक अनन्य नृपति श्री स्वामी हरिदास जी महाराज के 546वें आविर्भाव महोत्सव का द्वितीय दिवस भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता के विविध रंगों से सराबोर रहा। महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ध्रुपद-धमार संगीत समारोह एवं भजन संध्या में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं, संगीत प्रेमियों और संत-महात्माओं ने सहभागिता कर स्वामी हरिदास जी की दिव्य परंपरा को नमन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकालीन सत्र में हुआ, स्वामी जी महाराज का पुष्प अभिषेक किया गया। जिसमें महामंडलेश्वर मां ध्यान मूर्ति महाराज शामिल हुई। वही तत्पश्चात ध्रुपद-धमार शैली में भगवान श्री राधा-कृष्ण एवं स्वामी हरिदास जी महाराज की महिमा का गुणगान किया। जिसमें स्वामी जी महाराज के परम लाडले शिष्य तानसेन के जन्म स्थान ग्वालियर से आई रजनी शर्मा एवं जयपुर बाल गायक यश और राज की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रोतागण संगीत रस में डूब गए। संगीत प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुति की मुक्त कंठ से सराहना की।
महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की गौरवशाली परंपरा में स्वामी हरिदास जी महाराज का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने न केवल भक्ति संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि तानसेन जैसे महान संगीतज्ञ को भी दिशा प्रदान की। आज भी उनकी साधना और संगीत परंपरा विश्वभर के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। समारोह के सभी कार्यक्रम महामंडलेश्वर राधा प्रसाद देव जू महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहे हैं।
सायंकाल आयोजित भव्य भजन संध्या महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। इस अवसर पर दिल्ली से पधारीं सुप्रसिद्ध भजन गायिकाएं ममता सांवरिया एवं दया चंद ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। "राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी" तथा अन्य ब्रज रस से ओतप्रोत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे परिसर में राधा-कृष्ण एवं स्वामी हरिदास जी के जयघोष गूंजते रहे।
महोत्सव में उपस्थित संत-महात्माओं ने अपने आशीर्वचन में कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज की साधना, भक्ति और संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक एवं सांगीतिक परंपराएं आज भी जनमानस को ईश्वर भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने स्वामी हरिदास जी महाराज के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए तथा प्रसादी ग्रहण की। आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण भक्ति एवं श्रद्धा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सात दिवसीय महोत्सव के आगामी दिनों में भजन गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, महाआरती, कवि सम्मेलन, संत समागम तथा विशाल भंडारे सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस मौके पर हरिओम शास्त्री, उमेश, पुरुषोत्तम, नवल सखी, प्रिया शरण, योगेश, हनी, शिवम, अविलाख, कृष्णा, सूरज आदि मौजूद रहे।