यमुना बाढ़ में प्यास से तड़पते पीड़ित, प्रशासन नाकाम, समाजसेवी बने सहारा
Gargachary Times
10 September 2025, 20:53
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Mathura
यमुना में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने भयावह हैं कि चारों तरफ पानी ही पानी फैला हुआ है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों को पीने के लिए एक बूंद साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा।
बाढ़ क्षेत्रों में फंसे लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ सर्वे और आश्वासन तक सीमित दिखाई दे रहा है।
ऐसे कठिन समय में सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय लोग ही आगे बढ़कर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। किसी ने बोतलबंद पानी पहुंचाया, तो किसी ने राशन और जरूरी सामान बाँटा। इसी कड़ी में Roti Go संस्था ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और सैकड़ों पीड़ित परिवारों तक भोजन और पीने का साफ पानी पहुँचाया। उनके स्वयंसेवकों ने नाव और ट्रैक्टर की मदद से राहत सामग्री बाढ़ग्रस्त इलाकों में वितरित की।
लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो पीड़ितों के सामने बड़ी स्वास्थ्य आपदा खड़ी हो सकती है।
यह हालात सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं कि आखिर कब तक पीड़ित अपनी प्यास बुझाने और पेट भरने के लिए समाजसेवियों और संस्थाओं पर निर्भर रहेंग