‘सेवा संकल्प दिवस’, पर वरिष्ठजनों के सम्मान के साथ होगा विशेष आयोजन
Gargachary Times
14 September 2026, 21:28
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Mathura
श्रीधाम वृंदावन, चतुर नारायण आचार्य महाराज के 45वें जन्मदिवस के अवसर पर इस वर्ष पारंपरिक जन्मोत्सव के स्थान पर इसे ‘सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य जन्मदिन को समाजसेवा, वरिष्ठजनों के सम्मान और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना है। कार्यक्रम का आयोजन 16 सितंबर 2026 को सायं 7 बजे वनप्रस्थ धाम, श्रीधाम वृंदावन में किया जाएगा।
आयोजन का मूल भाव है कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव न होकर वरिष्ठजनों की सेवा और सम्मान का संकल्प लेने का अवसर बने। इस अवसर पर संत समागम एवं विद्वत संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय ‘मानव जीवन में चार आश्रमों का महत्व’ रहेगा। संगोष्ठी में संत-महात्मा, धर्माचार्य एवं विद्वान भारतीय सनातन जीवन-पद्धति में ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास आश्रम की आवश्यकता तथा वर्तमान समय में विशेष रूप से वानप्रस्थ व्यवस्था की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम में 45 वरिष्ठजनों को सम्मानित किया जाएगा। महाराज श्री के 45वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठजनों को शॉल, माला एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही 45 दीप प्रज्वलित कर ‘सेवा-ज्योति’ का संदेश दिया जाएगा तथा 45 पौधों का रोपण कर ‘स्मृति उपवन’ विकसित करने का संकल्प लिया जाएगा। उपस्थित संतों, विद्वानों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा वरिष्ठजन सेवा का सामूहिक संकल्प भी लिया जाएगा।
वनप्रस्थ धाम का उद्देश्य केवल वरिष्ठजनों को निवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके जीवन के उत्तरार्ध को सम्मान, सेवा, आध्यात्मिकता और आत्मीयता से जोड़ना है। यहां वरिष्ठजनों के लिए सात्त्विक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल, योग, यज्ञ, सत्संग, संकीर्तन तथा धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों सहित सम्मानपूर्ण जीवन की व्यवस्था की जा रही है। संस्था का स्पष्ट संदेश है कि ‘यह वृद्धाश्रम नहीं—वानप्रस्थ धाम है’ और ‘जीवन का स्वर्णिम अध्याय—वानप्रस्थ’।
सेवा संकल्प दिवस के माध्यम से समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी को यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि माता-पिता एवं वरिष्ठजनों की सेवा केवल पारिवारिक दायित्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का अभिन्न हिस्सा है। महाराज श्री का संकल्प है कि व्यक्तिगत अवसरों को भी समाजोपयोगी सेवा से जोड़ा जाए, ताकि उत्सव की सार्थकता एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर अनेक लोगों के जीवन में प्रसन्नता और सम्मान का कारण बने।
आयोजन में समाज के गणमान्य नागरिकों, संत-महात्माओं, विद्वानों, वरिष्ठजनों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। महाराज श्री के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा एवं सेवा कार्यों पर आधारित एक संक्षिप्त डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की जाएगी। वनप्रस्थ धाम में निवासरत वरिष्ठजन अपने अनुभव एवं भाव भी साझा करेंगे। कार्यक्रम का फेसबुक एवं यूट्यूब के माध्यम से सीधा प्रसारण किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे सेवा और सम्मान का यह संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।