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पाकिस्तान ने सऊदी की मदद से किया इनकार, इजराइल से मांगी सहायता

Gargachary Times 15 September 2026, 21:02 49 views
International
पाकिस्तान ने सऊदी की मदद से किया इनकार, इजराइल से मांगी सहायता
हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। यह इलाका सऊदी अरब के बेहद करीब है। इससे सऊदी की सुरक्षा और व्यापार पर संकट बढ़ गया है। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी ने मक्का डिफेंस अलायंस के साथी पाकिस्तान से मदद मांगी थी। लेकिन पाकिस्तान ने यमन में लड़ने के लिए अपनी सेना या सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। इसके बाद सऊदी अरब ने इजराइल से खुफिया मदद मांगी है। यह बातचीत अमेरिका की मध्यस्थता में हुई। खास बात यह है कि सऊदी अरब इजराइल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता। उसके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। 'एक पर हमला, मतलब तीनों पर हमला।' इसी सिद्धांत के साथ पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को 'मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट' पर साइन किया था। तीनों देशों के बीच इस समझौते को कई जानकारों ने ‘मुस्लिम नाटो’ की दिशा में एक अहम कदम माना था। इसकी वजह यह थी कि यह समझौता NATO की तरह सदस्य देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात करता है। इसके तहत जरूरत पड़ने पर तीनों देश एक-दूसरे की सैन्य मदद करेंगे, आधुनिक हथियारों की संयुक्त खरीद करेंगे, रक्षा तकनीक साझा करेंगे और सुरक्षा से जुड़े मामलों में मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सामूहिक आत्मरक्षा की अलग संधि भी है। इसके बावजूद हूती हमले के बाद पाकिस्तान ने सऊदी को सेना मदद देने से साफ इनकार कर दिया। यमन में हूती विद्रोहियों के हमले और तेजी से बढ़ते कब्जे ने सऊदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब मदद के लिए अपने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है। पाकिस्तान के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन ने भी यमन में हूती संगठन के खिलाफ सीधे हमले करने से इनकार कर दिया है। अमेरिका ने खुफिया मदद देने की पेशकश की है, जबकि ब्रिटेन सैन्य सलाहकार देने की बात कह रहा है। इजराइली अखबार इजराइल हायोम के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के हमलों से निपटने के लिए दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी है। यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर में दो और अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। यमन सरकार के मुताबिक हूतियों ने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर अपने लड़ाके तैनात किए हैं। ये द्वीप बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोखा और बाब-अल मंदेब में मौजूद मायून द्वीप पर भी कब्जा किया था। इन दोनों जगहों पर सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना का नियंत्रण था। हूतियों के इन द्वीपों पर कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा और मजबूत हो गया है। बाब-अल-मंदेब एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए शॉर्टकट रास्ता है। यहां से गुजरने के बाद जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर तक पहुंचते हैं।
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