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UPI चार्ज पर सरकार का जवाब- विदेशी दबाव नहीं! राहुल गांधी के आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Gargachary Times 16 September 2026, 21:41 49 views
Delhi
UPI चार्ज पर सरकार का जवाब- विदेशी दबाव नहीं! राहुल गांधी के आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि UPI नियमों में बदलाव किसी विदेशी दबाव में नहीं लाया गया है। मंत्रालय ने कहा कि UPI से जुड़े फैसले भारत की घरेलू जरूरतों के आधार पर स्वतंत्र रूप से लिए गए हैं। एक अफसर ने बताया कि इस फैसले को पलटने का सवाल ही नहीं उठता। इससे पहले राहुल गांधी ने UPI पर टैक्स लगाने के फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने X पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि इस फैसले से अमेरिका को फायदा होगा और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। इस याचिका में अदालत से सरकार के इस नए नियम को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है। दरअसल, सरकार ने मंगलवार को आदेश दिया था कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। यह शुल्क मर्चेंट से लिया जाएगा, ग्राहक से नहीं। ₹2,000 तक के UPI पेमेंट और व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं होगा। सरकार के अनुसार करीब 96% मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन भी इस शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने जुड़े सूत्रों ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि UPI पर फैसला लिया जा चुका है और इसे पलटने का कोई सवाल ही नहीं है। भारत की सबसे बड़ी स्टॉक ट्रेडिंग कंपनी जिरोधा के फाउंडर और CEO नितिन कामथ ने कहा कि UPI का इस्तेमाल बहुत बड़े पैमाने पर होने लगा है, जिसके बाद MDR शायद जरूरी हो, लेकिन इन्वेस्टिंग और ब्रोकिंग जैसे मामलों में मौजूदा एमडीआर फ्रेमवर्क प्रैक्टिकल नहीं लगता उनके मुताबिक, सामान्य मर्चेंट और ब्रोकर के बीच बड़ा फर्क है।
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