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सेवा संकल्प दिवस पर वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान, समाजसेवा का दिया संदेश

Gargachary Times 17 September 2026, 18:58 5 views
Mathura
सेवा संकल्प दिवस पर वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान, समाजसेवा का दिया संदेश
वृंदावन। वानप्रस्थ धाम, श्रीधाम वृंदावन में 16 सितंबर को परमपूज्य डॉ. चतुर नारायण पाराशर जी महाराज के 45वें जन्मोत्सव को इस वर्ष ‘सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के सम्मान, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं आध्यात्मिक जागरण को केंद्र में रखते हुए विभिन्न आयोजनों का आयोजन किया गया। पूरे दिन चले कार्यक्रम में संत-महात्माओं, विद्वानों, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर सेवा और संस्कार का संदेश दिया। प्रातःकालीन कार्यक्रमों का शुभारंभ रुद्राभिषेक एवं शांति यज्ञ से हुआ। इसके उपरांत संत सेवा एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को आवश्यक सामग्री एवं उपयोगी वस्तुओं का वितरण किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर स्मृति उपवन विकसित करने की दिशा में पहल की गई। गोसेवा के अंतर्गत गौवंश के लिए हरे चारे एवं अन्य आवश्यक सामग्री का समर्पण भी किया गया। सायंकालीन मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर 45 वरिष्ठजनों को शॉल, माला, श्रीफल एवं सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वरिष्ठजनों द्वारा 45 सेवा-ज्योतियों का प्रज्ज्वलन कर समाज में सेवा और सम्मान की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चतुर नारायण पाराशर जी महाराज ने कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठजनों की सेवा केवल पारिवारिक दायित्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने समाज को सेवा, संस्कार और संवेदनशीलता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विद्वत संगोष्ठी में "मानव जीवन में चार आश्रमों का महत्व" विषय पर संतों एवं विद्वानों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने वर्तमान समय में वानप्रस्थ व्यवस्था की प्रासंगिकता, वरिष्ठजनों के सम्मान तथा सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया। इस दौरान वानप्रस्थ धाम की विभिन्न सेवा परियोजनाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई। पूरे आयोजन का उद्देश्य जन्मोत्सव को व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखकर उसे समाजोपयोगी सेवा अभियान के रूप में स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने वरिष्ठजनों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण और गोसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजन के सफल समापन पर वानप्रस्थ धाम परिवार ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
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