आईएआरआई के किसान प्रशिक्षण में जैविक खाद और संतुलित पोषण पर जोर 50 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
Gargachary Times
22 September 2026, 18:57
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Firozabad
फिरोजाबाद। सिविल लाइंस, दबरई स्थित उप कृषि निदेशक सभागार में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), नई दिल्ली के सस्य विज्ञान संभाग की ओर से जिले के 50 किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में किसानों को जैविक खाद, संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम आईएआरआई के सस्य विज्ञान संभाग की परियोजना के तहत डॉ. संजय सिंह राठौर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।जिला कृषि अधिकारी सुमित चौहान ने किण्वित जैविक खाद के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इसके नियमित प्रयोग से मिट्टी में जैविक कार्बन और आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और फसल की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कीट विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. इंद्र देव चौधरी ने अंधाधुंध रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से होने वाले नुकसान बताए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक कीटनाशक प्रयोग से मित्र कीट प्रभावित होते हैं, इसलिए किसानों को जैविक एवं वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए।
अपर जिला कृषि अधिकारी विष्णु शंकर ने किसानों से मिट्टी की जांच कराए बिना उर्वरकों का प्रयोग न करने की अपील की। उन्होंने मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जैविक एवं रासायनिक पोषक तत्वों का संतुलित और समन्वित प्रयोग करने पर जोर दिया।जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने हाईटेक नर्सरी की आधुनिक तकनीकों की जानकारी देते हुए उन्नत एवं रोगमुक्त पौध तैयार करने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। साथी गांव के किसान सचिन कुमार राजपूत ने जैविक खेती से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए।
प्रशिक्षण में आईएआरआई परियोजना टीम के डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. कपिला शेखावत, डॉ. आंचल, डॉ. सुभाष, डॉ. प्रवीण कुमार उपाध्याय, डॉ. विशाल सोमवंशी, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. मोना, डॉ. अर्जुन सिंह और डॉ. स्मृति का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में वाईपी हरीश कुमार की सक्रिय भूमिका रही।
किसानों को जैविक खाद के बारे में जानकारी देते अधिकारी।