शहरों में सरकार गठित होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलने लगी चुनावी बयार
Gargachary Times
26 September 2026, 19:33
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Dholpur
शहरी क्षेत्र में चुनाव संपन्न होनेएवंसभापतिव नगर पालिकाओं केअध्यक्ष एवं उप चेयरमैनकी कुर्सियां भरने के बादअब ग्रामीण क्षेत्रों में भीचुनावी हवा चलने लगी हैजिला परिषद सदस्यों की लॉटरी के बाद पंचायत समितियां यों एवं ग्राम पंचायतों की लॉटरी निकलते हीबहुत से लोगोंके अरमान घरे रह गएतो कुछ कोदबे पांव चुनावी मैदान में दांव पे च दिखाने का मौका मिल गयाधौलपुर जिले में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकरग्रामीण क्षेत्रों में सियासी पारा पूरी तरह गरमा चुका हैहाल ही में जिले की सभी 6 पंचायत समितियां धौलपुर बाड़ी सैपऊ बसेड़ी राजाखेड़ा और सर मथुरा में सरपंच वार्ड पंच प्रधान और जिला परिषद सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है प्रशासन द्वारा लॉटरी के नतीजे जारी करने के बाद से ही गाँवो में चुनावी सरगर्मिया और चौपाल पर चर्चा चर मपर हैंआरक्षण चक्र और पर्ची प्रणालीसे कई ग्राम पंचायत में पुराने और स्थापित दावेदारों के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं जो सीटें सामान्य ओपन या ओबीसी वर्ग के लिए खुली है वहां प्रत्याशियों की होड़ मची हुई है वहीं महिलाओं के लिए 50% पद आरक्षित होने के कारण कई दिग्गज नेताओं को अपनी पत्नियों बहू या महिला रिश्तेदारों को चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति बनानी पड़ रही है बाड़ीपंचायत समिति में प्रधानों का पदअनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है सैपऊ और बसेड़ी पंचायत समितियां में प्रधान पद सामान्य महिला वर्ग के पाले में गया हैसर मथुरा में प्रधान पदओबीसी ओपन तथा धौलपुर एवं राजाखेड़ा में सामान्य वर्ग ओपन के लिए निर्धारित किया गया हैसरपंचों की स्थिति स्पष्ट होने के बादसंभावित उम्मीदवारअपने समर्थकों के साथनियमित रूप सेबैठक करआगामी रणनीतिबनाने में व्यस्त हैं
धौलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों मेंचाय की थड़ियो और गांव की चौपालों पर सुबह से लेकर दिन रात तक सिर्फ इसी बात का विश्लेषण हो रहा है किस जाति का वर्ग का उम्मीदवार पंचायत में मजबूत स्थिति में हैइसके साथ ही युवा वर्गएवं दावेदारों नेसोशल मीडिया परसक्रियता बढ़ा दी हैफेसबुक व्हाट्सएपग्रुपों पर भावी सरपंचऔर प्रधान पद के कर्मठ उम्मीदवारजैसे पोस्टर्स की बाढ़ आ गई है
लॉटरी प्रक्रिया के दौरानजिला कलेक्टरऔर स्थानीय उत्पन्न अधिकारियों की देखरेख में पूरी पारदर्शिता बढ़ती गई थी स्थानीय ग्रामीण और राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर जोड़-तोड़ और वोट बैंकों को साधने की कया वद में पूरी तरह जुट गए हैंधौलपुर के ग्रामीण अंचल में इस समयउत्सव जैसा चुनावी माहौल बना हुआ हैइन चुनाव में एक बात स्पष्ट रूप से देखने को मिलीतो कोई भी उम्मीदवारशाम दाम दंड भेदसभी नीति अपनाकरकेवल विजय श्री हासिल करना चाहता हैअब सरपंची का चुनाव भीविधायक जी के चुनाव सेकमतर नहीं आता जा सकताचुनाव आयोगकी लाख कोशिशें के बावजूदपैसे एवंपावर कापूरा असरइन चुनाव में देखने को मिलता हैतथा प्रशासनएवं सरकारलाचार नजर आती है