गांधी-शास्त्री जयंती पर POCSO जागरूकता अभियान, प्रभात फेरी और नुक्कड़ नाटक से दिया सुरक्षित बचपन का संदेश
Gargachary Times
2 October 2026, 20:22
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Firozabad
फिरोजाबाद। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फिरोजाबाद द्वारा POCSO जागरूकता अभियान के तहत बाल सुरक्षा, बाल अधिकार एवं विधिक जागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति आमजन को जागरूक किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद न्यायालय परिसर से प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें शामिल प्रतिभागियों ने बाल सुरक्षा, बाल अधिकार तथा बाल लैंगिक अपराधों की रोकथाम से संबंधित जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। प्रभात फेरी के जरिए यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
POCSO अभियान को विद्यालयों तक पहुंचाते हुए विभिन्न स्कूलों में ड्राइंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई गईं। छात्र-छात्राओं ने बाल सुरक्षा, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, बाल अधिकार और सुरक्षित बचपन जैसे विषयों पर चित्र बनाकर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया।कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, डबरई के छात्र-छात्राओं एवं जूनियर अधिवक्ताओं ने बाल सुरक्षा और POCSO अधिनियम पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और संवेदनशील समाज का संदेश दिया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। उनकी जयंती पर बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करना उनके आदर्शों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि POCSO जागरूकता केवल अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की सामूहिक पहल है। अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिकों को बच्चों की बात ध्यान से सुनने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ सहयोग करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को POCSO अधिनियम, बाल अधिकार, बाल उत्पीड़न की रोकथाम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई। इस दौरान ‘सुरक्षित बचपन—सशक्त समाज’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।