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महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा- रील नहीं किताबों में भविष्य खोजें बेटियां, दीनदयाल धाम में किया सम्मानित

Gargachary Times 7 October 2026, 20:52 74 views
Mathura
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा- रील नहीं किताबों में भविष्य खोजें बेटियां, दीनदयाल धाम में किया सम्मानित
दीनदयाल धाम में आयोजित स्मृति महोत्सव में राज्य महिला आयोग अध्यक्ष बबिता चौहान ने छात्राओं को मोबाइल की लत से बचने की सलाह दी। कहा- बेटियां दुर्गा बनें और शिक्षा से देश का नाम रोशन करें। फरह, पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को दीनदयाल धाम में आयोजित कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने रंगोली प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि आज हर हाथ में मोबाइल है और रील बनाने की होड़ लगी है, जबकि भविष्य किताबों में है। उन्होंने आह्वान किया कि मोबाइल से नाता तोड़ें किताबों से रिश्ता जोड़ें'*। बेटियां देश की धरोहर हैं। जैसे पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों से देश का नाम रोशन किया, वैसे ही बेटियां भी शिक्षा और प्रतिभा से नई पहचान बना रही हैं। बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश आगे बढ़ेगा। बबिता चौहान ने कहा कि भगवान बेटियों को पंख देकर भेजते हैं, उन्हें उड़ान के लिए खुले आसमान की जरूरत है। बेटियों को शिक्षा, समान अवसर और सुरक्षित माहौल देना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में बीएसए रतन कीर्ति ने कहा कि शिक्षा संस्कार की जननी है। बेटियों को बंधनों में बांधने के बजाय शिक्षा और ज्ञान से जोड़ना चाहिए। शिक्षा जीवन का मूल आधार है, संस्कार खुद आ जाएंगे। दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजक रीना शर्मा ने कहा कि बेटियों को दुर्गा बनाएं, संस्कार दें और मोबाइल का प्रयोग सिर्फ जरूरत पर करने दें। संस्कारवान बेटियां ही मजबूत समाज बनाएंगी। इससे पहले अतिथियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके रीना सिंह, रूबी शाक्य, जगमोहन पाठक, अशोक शर्मा, भवानी शंकर पचौरी, राखी गुप्ता आदि मौजूद रहे ।
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