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12 अक्टूबर को प्रदेशभर में आयोजित होगा ‘विशेष रोजगार सृजन दिवस’

Gargachary Times 10 October 2026, 20:36 40 views
Lucknow
12 अक्टूबर को प्रदेशभर में आयोजित होगा ‘विशेष रोजगार सृजन दिवस’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) योजना के अंतर्गत प्रदेश में अधिकाधिक मानव दिवस सृजन के उद्देश्य से आगामी 12 अक्टूबर, 2026 को प्रदेशभर में ‘विशेष रोजगार सृजन दिवस’ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग से ग्राम्य विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रदेश के समस्त मुख्य विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर विशेष अभियान की तैयारियों एवं मानव दिवस सृजन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने तथा 12 अक्टूबर को अधिकाधिक मानव दिवस सृजित कर नया रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एक बड़ा राज्य है और यहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस तक अकुशल श्रम रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का सृजन किया जाना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए श्रमिकों को उनकी मांग के अनुरूप समय से रोजगार उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष रोजगार सृजन दिवस को प्रदेशव्यापी अभियान के रूप में संचालित करते हुए लक्ष्य से अधिक मानव दिवस सृजित करने का प्रयास किया जाए। यह अभियान निरंतर चलने वाला है, इसलिए अधिकारी इसकी प्रगति को गति देने के साथ ही नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करें। अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केशव मौर्य ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में योजना के अंतर्गत अनुमन्य 375 कार्यों में से ऐसे कार्यों का चयन किया जाए, जिनमें अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही जनहित एवं जनोपयोगिता सुनिश्चित हो सके। चयनित कार्यों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्ययोजना में सम्मिलित करते हुए समय से प्रारम्भ कराया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पर्याप्त संख्या में अनुमोदित एवं प्रारम्भ किए जाने योग्य कार्य उपलब्ध रहने चाहिए। कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व वर्क आईडी जनरेशन, जियो टैगिंग, एसईसीसीयूआर (SECURE) पोर्टल पर प्राक्कलन तैयार करने तथा एमआईएस से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाहियां पूर्ण कर ली जाएं, जिससे 12 अक्टूबर को रोजगार सृजन दिवस के आयोजन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की मांग के अनुरूप ई-मस्टर रोल समय से जारी किए जाएं तथा विशेष रोजगार सृजन दिवस पर अधिकतम पात्र श्रमिकों को वास्तविक रूप से कार्यस्थल पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में कोई कार्य संचालित नहीं है, वहां निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्य प्रारम्भ कराए जाएं। उन्होंने कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति, कार्यों की प्रगति एवं रोजगार सृजन की वास्तविक स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि श्रमिकों के पारिश्रमिक का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए तथा जॉब कार्ड, उपस्थिति एवं अन्य संबंधित शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर उनका त्वरित निस्तारण किया जाए। अनियमितता अथवा गलत कार्य करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। केशव मौर्य ने विशेष रोजगार सृजन दिवस को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने पर बल देते हुए कहा कि इस अभियान में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। सांसदों एवं विधायकों को कार्यस्थलों पर आमंत्रित किया जाए, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित रोजगारपरक कार्यों एवं परिसंपत्तियों के सृजन की प्रक्रिया से सीधे जुड़ सकें। उन्होंने ग्राम चौपालों के आयोजन के निर्देश देते हुए कहा कि इन्हें केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाया जाए। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित करते हुए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी जाए। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान आज भी ऐसे पात्र परिवार मिलते हैं, जिन्हें आवास की आवश्यकता है। ऐसे परिवारों को चिह्नित कर पात्रता के आधार पर योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। आवास योजना के लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका के अवसर बढ़ाए जाएं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि आवास योजना के लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों, विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों को भी सम्मानित किया जाएगा। केशव मौर्य ने विशेष रोजगार सृजन दिवस एवं वीबी-जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए योजना की विशेषताओं, रोजगार के अवसरों तथा श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों, विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा। सभी मुख्य विकास अधिकारी अपने-अपने जनपदों में अभियान की तैयारियों, कार्यों के संचालन एवं मानव दिवस सृजन की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें। विशेष रोजगार सृजन दिवस के सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के लिए जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। उपायुक्त, श्रम-रोजगार सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के दायित्व निर्धारित करते हुए उन्हें ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के लिए नामित किया गया है। नामित अधिकारी कार्यस्थलों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि पात्र श्रमिकों को वास्तविक रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा योजना के सभी प्रावधानों का पालन हो रहा है। चयनित कार्यों के प्रारम्भ होने की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। विशेष रोजगार सृजन दिवस पर कार्यस्थलों की ड्रोन के माध्यम से वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी कराई जाएगी, जिससे अभियान के क्रियान्वयन, श्रमिकों की सहभागिता एवं कार्यों की प्रगति का प्रभावी अभिलेखीकरण किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग प्रमोद कुमार उपाध्याय, मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अरुण कुमार, अपर मिशन निदेशक जयनाथ यादव, संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानन्द, व चन्द्रशेखर एवं सहायक आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग विनायक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी बैठक से जुड़े रहे।
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