राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद ऱ्यायधीश डा० बब्बू सारंग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करते हुए किया
Gargachary Times
13 September 2025, 20:35
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Firozabad
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नर्इ दिल्ली व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा-निर्देशन में जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लाेक अदालत का उद्घाटन माननीय जनपद न्यायाधीश डा० बब्बू सारंग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित करते हुए किया गया। कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी श्री महेन्द्र सिंह मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, श्री अरविन्द कुमार सिंह प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, श्री शत्रोहन वैश्य मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री रवि शंकर प्रसाद एवं बार के अध्यक्ष श्री शंकरलाल निषाद व अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
उक्त अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय डा० बब्बू सारंग जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय तक पहुँच का एक सशक्त, सरल और प्रभावी माध्यम है। लोक अदालतों के माध्यम से विवादों का निस्तारण केवल त्वरित और सहज ढंग से ही नहीं होता, बल्कि यह पक्षकारों के बीच आपसी संवाद और सौहार्द को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें समाधान केवल कानूनी दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आपसी समझ और विश्वास के आधार पर होता है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और व्यवहारिक रहता है। इसी क्रम में आगे बताया कि न्यायालय का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि समाज में शांति और समरसता स्थापित करना भी है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार न केवल समय और धन की बचत कर पाते हैं, बल्कि आपसी रिश्तों को भी संजोकर रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनता के मन में न्यायपालिका के प्रति गहरा विश्वास उत्पन्न करते हैं और न्याय व्यवस्था की आत्मा को सशक्त बनाते हैं। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि लोक अदालत की यह परंपरा समाज में न्याय और सौहार्द का आधार बनती रहेगी।
प्राधिकरण के सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फिरोजाबाद श्री अतुल चौधरी ने कार्यक्रम का संचालन किया आैर बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य विवादों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर हल करना है ताकि पक्षकार लम्बी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया से बच सकें। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में परिवार से जुड़े मामले, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बिजली एवं पानी के बिल सहित अनेक प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। इसी क्रम में आगे कहा कि लोक अदालतें न केवल न्याय को त्वरित और निशुल्क रूप से उपलब्ध कराती हैं, बल्कि समाज में शांति, भाईचारे और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विवादों का समाधान आपसी विश्वास और सहमति के आधार पर होने से पक्षकार संतोष और राहत का अनुभव करते हैं, जो किसी भी न्यायिक निर्णय से अधिक स्थायी होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगे भी इस प्रकार की लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाएँ और अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाएँ। अंत में उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया जिनके प्रयासों से यह लोक अदालत सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 139829 वादों का निस्तारण किया जिसमें अर्थदण्ड व समझाैता राशि कुल मु० 214569298/- रू० है। इनमें से मुख्यतः जनपद न्यायालय द्वारा 10458 वाद, परिवार न्यायालयों द्वारा 95 वाद, मोटर र्घटना दावा अधिकरण द्वारा 87 वादों का निस्तारण किया गया जिसकी समझौता राशि मु० 6454600/- रू० है। राजस्व न्यायालय द्वारा 44855 वाद, बैंक द्वारा वसूली योग्य 1242 वादों में 144700000/- रू० की धनराशि का सैटलमेंट किया गया। अन्य विभागों द्वारा 83274 वाद निस्तारित किये गये।
जनपद न्यायालय फिरोजाबाद न्यायिक अधिकारीगण में डा० बब्बू सारंग जनपद न्यायाधीश द्वारा 01 वाद, श्री सुनील कुमार सिंह-।। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं०1 द्वारा 03 वाद, श्री नवनीत कुमार गिरी स्पेशल जज एस०सी०/एस०टी० एक्ट फिरोजाबाद द्वारा 04 वाद, श्री मुमताज अली स्पेशल जज पोक्सो एक्ट फिरोजाबाद द्वारा 03 वाद, श्री सर्वेश कुमार पाण्डेय-।। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट सं० 2 फिरोजाबाद द्वारा 03 वाद, श्रीमती साक्षी शर्मा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 4 फिरोजाबाद द्वारा 684 वाद, श्री अर्चना गुप्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 9 फिरोजाबाद द्वारा 04 वाद, श्री रमेश चन्द्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 8 फिरोजाबाद द्वारा 02 वाद, श्री जितेन्द्र गुप्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 7 फिरोजाबाद द्वारा 15 वाद, श्री संदीप कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट नं० 2 फिरोजाबाद द्वारा 02 वाद, श्री राजीव सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट नं० 3 फिरोजाबाद द्वारा 12 वाद, श्री श्याम बाबू अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट नं० 1 फिरोजाबाद द्वारा 04 वाद, श्री विमल वर्मा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट नं० 2 फिरोजाबाद द्वारा 07 वाद निस्तारित किये गये।
मजिस्ट्रेट न्यायालयों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नरेश कुमार दिवाकर द्वारा 4667 वादों का निस्तारण, सिविल जज सी०डि० डा० निधि यादव द्वारा 12 वादों का निस्तारण, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोजाबाद सुश्री नगमा खान द्वारा 58 वादों का निस्तारण, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिकोहाबाद श्रीमती श्रद्घा देवा द्वारा 1390 वादों का निस्तारण, अपर सिविल जज सी०डि० कोर्ट नं० 1 फिरोजाबाद सुश्री योगेश शिवा द्वारा 707 वादों का निस्तारण, सिविल जज सी०डि०/एफटीसी फिरोजाबाद श्रीमती सुरभि श्री गुप्ता द्वारा 461 वादों का निस्तारण, सिविल जज जू०डि० फिरोजाबाद श्रीमती सौम्या मिश्रा द्वारा 14 वादों का निस्तारण, ग्राम न्यायालय टूण्डला श्री अजय सिंह द्वारा 210 वादों का निस्तारण, ग्राम न्यायालय जसराना श्री जावेद द्वारा 86 वादों का निस्तारण, सिविल जज जू०डि० शिकोहाबाद श्री सागर तायल द्वारा 257 वादों का निस्तारण, अपर सिविल जज जू०डि० कोर्ट सं० 01 फिरोजाबाद श्री प्रभात कुमार सिंह द्वारा 302 वादों का निस्तारण, अपर सिविल जज जू०डि० शिकोहाबाद प्रथम श्रीमती अरोमा रमन पिसेज द्वारा 185 वादों का निस्तारण, अपर सिविल जज जू०डि० शिकोहाबाद द्वितीय श्री प्रशान्त द्वारा 332 वादों का निस्तारण, सिविल जज जू०डि०/एफटीसी-2 फिरोजाबाद श्रीमती स्वेता सोनी द्वारा 200 वादों का निस्तारण, सिविल जज जू०डि०/एफटीसी-1 फिरोजाबाद श्री अरविन्द कुमार सिंह द्वारा 615 वादों का निस्तारण, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्री मुनेश कुमार सिंह द्वारा 17 वादों का निस्तारण व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्री अनिल प्रताप सिंह द्वारा 19 वादों का निस्तारण किया गया।