गोवर्धन की रामलीला में भावुक कर देने वाली लीला, राम वन गमन और दशरथ मरण देख छलके आंसू
Gargachary Times
13 October 2026, 20:28
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Mathura
डी डी शर्मा
गोवर्धन कस्बे में चल रही ऐतिहासिक श्री रामलीला में सोमवार देर रात तक करुण रस की ऐसी धारा बही कि पूरा पंडाल भावुक हो उठा, वही लीला में राम वन गमन, केवट संवाद, निषाद राज से मित्रता और दशरथ मरण का मार्मिक मंचन किया गया, लीला का प्रारंभ उस दृश्य से हुआ जब पिता के वचन का पालन करने के लिए प्रभु श्री राम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ राजमहल छोड़कर वन की ओर प्रस्थान करते हैं। अयोध्या के राजा होते हुए भी 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करने के इस दृश्य ने हर भक्त की आंखें नम कर दीं, इसके बाद केवट संवाद और निषाद राज से मित्रता* की लीला हुई। जब केवट ने प्रभु के चरण धोकर नौका में बिठाया और कहा "प्रभु, आज मैंने भवसागर से पार होने का साधन पा लिया", तो पूरा पंडाल "जय श्री राम" के जयकारों से गूंज उठा। निषाद राज और राम की मित्रता ने बताया कि भगवान के लिए कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, रात की सबसे मार्मिक लीला रही दशरथ मरण। राम के वियोग में तड़पते हुए राजा दशरथ का अपने प्राण त्यागने का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए। कौशल्या और कैकेयी का विलाप देखकर ऐसा लगा मानो त्रेता युग साक्षात मंच पर उतर आया हो। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया वही रामलीला कमेटी ने बताया कि आज की लीला में सीता हरण और जटायु मोक्ष का मंचन होगा।