CIRG मखदूम में महिला किसान दिवस आयोजित, वैज्ञानिक बकरी पालन से महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर
Gargachary Times
15 October 2026, 20:50
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Mathura
फरह। मखदूम भा.कृ.अ.प.-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, फरह में महिला किसान दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला पशुपालकों के सशक्तीकरण और वैज्ञानिक बकरी पालन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने की। इस अवसर पर मथुरा सहित विभिन्न जिलों से आई महिला पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बकरी पालन से जुड़े अपने अनुभव, उपलब्धियां और समस्याएं साझा कीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन अपनाने के लिए प्रेरित करना, उनकी तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को बढ़ाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
इस दौरान महिला पशुपालकों ने बताया कि CIRG संस्थान से मिले प्रशिक्षण, वैज्ञानिक जानकारी और मार्गदर्शन से उन्होंने बकरी पालन को अपनाया है। वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। महिलाओं ने कहा कि बकरी पालन ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सबसे अच्छा साधन है।
किसान-वैज्ञानिक संवाद में महिलाओं ने बकरी पालन में आने वाली दिक्कतों को वैज्ञानिकों के सामने रखा। वैज्ञानिकों ने उनकी समस्याओं का समाधान बताया और बेहतर प्रबंधन, सही पोषण, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और प्रजनन प्रबंधन की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों को संस्थान के विभिन्न शेडों का भ्रमण कराया गया। उन्हें बकरियों के आवास, रखरखाव और वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में बताया गया। फीड और चारा इकाई में संतुलित आहार बनाने और जीपीटी लैब में बकरी के दूध से बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों के बारे में भी जानकारी दी गई।
निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने महिला पशुपालकों की तारीफ करते हुए कहा कि वैज्ञानिक बकरी पालन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। संस्थान लगातार महिलाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी मदद दे रहा है ताकि उनकी आय बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि सही पोषण, टीकाकरण और प्रबंधन से बकरी पालन को अधिक लाभदायक बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अनुपम कृष्ण दीक्षित, डॉ. नितिका शर्मा और डॉ. चेतना गंगवार ने किया। यह कार्यक्रम महिला पशुपालकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।