भाजपा व चुनाव आयोग मिलकर देश की जनता को धोखा दे रहे हैं: अखिलेश यादव
Gargachary Times
15 October 2026, 20:53
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Lucknow
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर देश की जनता, लोकतंत्र और संविधान को धोखा दे रहे है। भाजपा जब हारती है और कमजोर पड़ती है तो चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। भाजपा संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग और प्रशासन को साथ लेकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घोटाला करने की तैयारी कर रही है। समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरियों ने भाजपा की वोट चोरी और चुनाव आयोग की डकैती को रोकने का काम किया। लाखों की संख्या में फर्जी वोटरों की पहचान की हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि देखा जा रहा है कि जो भाजपा का सदस्य है उसी को मतदाता बनाया जा रहा है। उसी को भारत का नागरिक मान रहे हैं। चुनाव आयोग साजिश और षडयंत्र कर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर खेल कर रहा है।
गुरुवार को समाजवादी पार्टी राज्य मुख्यालय लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने वोट की डकैती का पर्दाफाश करते हुए समाजवादी ईसीआई आडिट-1 पुस्तिका जारी करते हुए कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए लोकतंत्र की हत्या कर रही है। संविधान को नहीं मानती है। भाजपा दस तरह की चुनावी चालें चलती है। भाजपा मतदाता सूची में नकली वोट जुड़वाती है, विरोधी दलों के असली वोट कटवाती है। मतदान के पहले, पैसा और खान-पान बंटवाती है। मतदान के दिन मतदाताओं को डराती-धमकाती है और बंदूक तनवाती है। ईवीएम मशीन को मनमाने तरीके से सेट कराती है। मतगणना के दिन फर्जी गिनती कराती है। मतगणना में हारे भाजपाइयों को जीता बताती है। हारे भाजपाईयों को जीत का प्रमाण पत्र बंटवाती है। विपक्ष में फूट डलवाती है और दूसरे खेमें के लोगों को तोड़कर सरकार बनाती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी वोट है। चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भरे गये 87 लाख 56 हजार फार्म-6 में से सिर्फ 71 लाख 38 हजार फार्म-6 की जानकारी सार्वजनिक की है। आयोग ने 16 लाख 18 हजार फार्म 6 के नए वोटरों की जानकारी नहीं सार्वजनिक की। ये वे वोटर हैं जिनके नाम, उम्र और नातेदार का नाम एक ही है। समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरी हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटरों की जांच कर रहे हैं। अब तक 16 लाख 18 हजार के अलावा 3 लाख और फर्जी वोटरों को पकड़ा है। पीडीए प्रहरियों ने अब तक कुल 19 लाख 20 हजार 732 फर्जी वोटरों को पकड़ा है।
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, विधायकों, सांसदों, संगठन के सभी पदाधिकारियों से अपील की है कि 17 और 24 अक्टूबर को अपने बूथों पर रहकर नए वोट जुड़वाएं और फर्जी वोटों पर निगरानी करे। मतदाता सूची में कोई फर्जी वोट न जुड़ने पाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरी एसआईआर प्रक्रिया को जीरो कर दिया है। अब नए सिरे से मतदाता जोड़ने का अभियान वोटरलिस्ट रिवीजन चला रहा है। इसमें ध्यान देना पडे़गा कि जिन लोगों ने अपना वोट एक जगह बनवा लिया है, वे फिर शहर में दोबार फर्जी वोट न बनावा लें।
अखिलेश यादव ने बताया कि मतदाता सूची जिन विधानसभाओं में सबसे ज्यादा फर्जी वोट पकड़े गये है। उनमें लोनी में 15150, साहिबाबाद में 13903, महरौनी में 12669, दादरी में 12556, ललितपुर में 1216, जखनिया में 12144, छपरौली में 11574, मोदीनगर नगर में 10913, फरेंदा में 10282, नकुड़ में 10272 वोट फर्जी है। इसी तरह से प्रदेश की अन्य विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फर्जी वोट पकड़े गये हैं। आजमगढ़ में एक व्यक्ति के एक नाम से 10 वोट है। एक वोट वह डालेगा और 9 वोट भाजपा डाल लेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि जहां भाजपा की हार निश्चित है। वहां वह बड़े पैमाने पर धांधली करती है। जनता को भाजपा की बेईमानी और धांधली का पता चल गया है। जनता के आक्रोश के सामने अब भाजपा की चार सौ बीसी नहीं चल पाएगी। भाजपाई चुनाव हारेंगे और भागेंगे भी। इस बार भाजपाइयों के पाप का घड़ा ही नहीं पाप की टंकी फूटेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि वोट चोरी और चुनाव धांधली को लेकर पूरा देश आक्रोशित है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उनकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। जनता को दुख देने वाले, अधर्मी और करोड़ों श्रद्धालुओं का चढ़ावा चोरी करने वाले चुनाव हारेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि आधार कार्ड को वोटर लिस्ट से जोड़ देना चाहिए। इससे तमाम समस्याएं खत्म हो जाएगी। जब आधार कार्ड में हर जानकारी है, तो उसे मतदाता सूची से जोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी कार्यकर्ता मतदाता सूची को लेकर चल रहे चुनाव आयोग के अभियान वोटर लिस्ट के रिवीजन को लेकर सर्तक और सावधान रहें। अपने बूथों पर रहें। मतदाता सूची में फर्जी वोट न जुड़ने पाएं। अपनी वोटर लिस्ट पर सावधानी से नजर रखें।