टेक्नोलॉजी, निवेश और कृषि का संगमः उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति, निवेश प्रस्तावों पर अहम निर्णय
Gargachary Times
16 October 2026, 20:51
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Lucknow
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण आधार है। यह क्षेत्र किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी प्राथमिकता दे रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल भविष्य की आवश्यकता है, जो उद्योगों की लागत कम करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगा।
उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।
इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में गठित एप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए पात्र प्रस्तावों पर सहमति एवं आवश्यक शर्तों के संबंध में निर्णय लिए गए।
बैठक में समिति को अवगत कराया गया कि दिनांक 13 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 22 नवीन प्रस्ताव अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा 19 प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई, जबकि 3 प्रस्तावों को आवश्यक परीक्षण एवं अनुपालन के लिए डिफर किया गया।
सहमति प्राप्त प्रस्तावों में बेकरी उत्पाद, फिश फीड, डिहाइड्रेटेड फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, पोल्ट्री फीड, काजू प्रसंस्करण, सोया चंक एवं पास्ता निर्माण, रिफर व्हीकल, बेकरी इकाइयों सौर ऊर्जा संयंत्र तथा अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन प्रस्तावों से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में
निवेश, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की बड़ी संभावना है।
बैठक में अक्षत करवा, निदेशक, अग्रूना इंडस्ट्रीज, जो जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अटलांटा, अमेरिका से कंप्यूटर साइंस में स्नातकोत्तर (MS in Computer Science) हैं, के निवेश प्रस्ताव का विशेष उल्लेख किया गया।इसके अतिरिक्त, फार्मी फूड से संबंधित निवेश प्रस्ताव भी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश एवं आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। श्री विनोद प्रताप सिंह, फार्मी फूड, एक अनुभवी टेक्नोक्रेट एवं उद्यमी हैं, जिन्हें आईटी क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों का अनुभव है। आईआईएम कलकत्ता सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त सिंह को अमेरिका, पोलैंड एवं ब्रिटेन में कार्य करने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है। वे आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
समिति द्वारा कुछ प्रस्तावों के संबंध में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रावधानों के अनुसार शर्तों के साथ सहमति दी गई। संबंधित इकाइयों को आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करने होंगे। इनमें इकाई की उत्पादन क्षमता, सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना तथा अन्य निर्धारित शर्तों के अनुपालन से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
बैठक में तीन प्रस्तावों को डिफर किया गया। इनमें दो प्रस्तावों के संबंध में मशीनरी की उपयुक्तता एवं मानक के अनुरूप पुनः आवेदन करने के निर्देश दिए गए, जबकि एक प्रस्ताव को संस्था द्वारा वापस लिए जाने संबंधी पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद समिति ने स्वीकार कर लिया।
बैठक के अंत में निवेशकों को अनुदान की धनराशि प्राप्त करने के लिए टर्म लोन खाते के उपयोग से संबंधित विषय पर भी चर्चा हुई। बैंक प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि टर्म लोन खाते में सीधे NEFT/RTGS/IMPS के माध्यम से अनुदान राशि प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुदान प्राप्ति एवं उसके समायोजन के लिए अलग ट्रांजिट/सस्पेंस खाते का उपयोग किया जाता है।
इस संबंध में समिति द्वारा निर्देश दिए गए कि कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक सहित संबंधित बैंकों के एसएलबीसी नोडल बैंक अथवा जोनल अधिकारियों से पत्राचार कर आवश्यक पुष्टि प्राप्त की जाए। पुष्टि के उपरांत संबंधित प्रस्ताव को अनुदान स्वीकृति हेतु समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।