वात्सल्य ग्राम में वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र के नवीन भवन का लोकार्पण, 150 दिव्यांग बच्चों को मिलेगा शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का अवसर
Gargachary Times
17 October 2026, 20:42
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Mathura
वात्सल्य ग्राम स्थित वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर) के नवीन भवन का लोकार्पण पद्म विभूषित साध्वी ऋतंभरा के पावन सानिध्य में ब्रजतीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस केंद्र का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, प्रशिक्षण और विभिन्न थेरेपी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि वैशिष्ट्यम की शुरुआत वात्सल्य ग्राम में आए दिव्यांग बच्चों की देखभाल और शिक्षा के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन आज यह केंद्र सैकड़ों बच्चों को नई दिशा देकर स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रहा है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 20 बच्चे अपने पैरों पर खड़े होकर व्यवसाय कर रहे हैं। वहीं, दो बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह सब समाज के सहयोग से संभव हुआ है। यदि एक सक्षम व्यक्ति किसी दिव्यांग व्यक्ति का हाथ थाम ले, तो उसे भी सक्षम बनाया जा सकता है। समाज का प्रत्येक समर्थ व्यक्ति एक दिव्यांग की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प ले, तो कोई भी व्यक्ति स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगा।
मुख्य अतिथि शैलजाकांत मिश्रा ने कहा कि वैशिष्ट्यम पुनर्वास केंद्र का अवलोकन कर मन प्रसन्न हो गया। साध्वी ऋतंभरा द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य अद्भुत और अविश्वसनीय हैं। यह केंद्र दिव्यांग बच्चों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां से शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग समाज के अन्य दिव्यांगजनों को भी नई दिशा देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वात्सल्य ग्राम ने सेवा के ऐसे कार्य किए हैं, जिनके लिए समाज सदैव आभारी रहेगा।
वैशिष्ट्यम की प्रधानाचार्य मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2014 में दिव्यांग बच्चों के लिए वैशिष्ट्यम विद्यालय की स्थापना की गई थी। बीते 12 वर्षों में संस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
दानदाताओं के सहयोग से अब वैशिष्ट्यम पुनर्वास एवं शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र को अपना नवीन भवन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां 20 प्रशिक्षित अध्यापकों के माध्यम से लगभग 150 बच्चों को विभिन्न थेरेपी के जरिए पढ़ने-लिखने, बोलने, दैनिक जीवन के कार्य करने और कुटीर उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में संजय भैया, मृदुलकांत शास्त्री, रविकांत गर्ग, स्वामी सत्यशील, सुमनलता, अशोक सरीन, साध्वी शिरोमणि, नवीन मित्तल, अजय गोयल, देवेंद्र सिंह सहित वैशिष्ट्यम परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमाशंकर राही ने किया।