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कैबिनेट फैसला: सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास को मिलेगी रफ्तार, 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने की मंजूरी, ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क

Gargachary Times 27 October 2026, 15:26 53 views
Lucknow
कैबिनेट फैसला: सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास को मिलेगी रफ्तार, 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने की मंजूरी, ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में सैनिक स्कूल, मैनपुरी के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किया गया। सैनिक स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क पुनर्ग्रहित कर सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इस निर्णय से स्कूल में जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा। इसी आवश्यकता के आधार पर ग्राम सभा नौनेर, तहसील एवं जनपद मैनपुरी में स्थित भूमि को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के मुताबिक खाता संख्या 03560, गाटा संख्या 9470 मि. की 9.524 हेक्टेयर भूमि का नि:शुल्क पुनर्ग्रहण कर उसे पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग के निवर्तन पर रखा जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से यह भूमि सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाएगी। *कैडेटों और कर्मचारियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं* भूमि उपलब्ध होने के बाद मैनपुरी सैनिक स्कूल में कैडेटों के उपयोग के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण होगा। इसके साथ ही शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित होंगी। इससे स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों और अन्य कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए सरकारी आवासों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वित्त व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसके तहत हाईकोर्ट के क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के लिए टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों के निर्माण पर 543.4075 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने का प्रस्ताव है। *अभी केवल 128 फ्लैट या आवास उपलब्ध हैं* इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के कुल 2,607 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1,866 पदों पर अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि इन अधिकारियों के लिए केवल 128 फ्लैट या आवास उपलब्ध हैं। हाईकोर्ट में कार्यरत अधिकारियों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई थी। आवासों की इस कमी को देखते हुए नए आवासों के निर्माण की योजना तैयार की गई है। छोटे किसानों और उद्यमियों को योगी सरकार का तोहफा, राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी उत्तर प्रदेश में पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य पशुधन अर्थव्यवस्था को संगठित कर आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार से जोड़ना है। मिशन में विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों और उद्यमियों पर ध्यान दिया जाएगा। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है और दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर है। अब उत्पादकता, बाजार व्यवस्था, मूल्य संवर्धन और डिजिटल प्रबंधन को मिशन के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। पशुधन मंत्री ने बताया कि उद्यमिता को पांच उप-मिशन के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें पशुधन उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं पोल्ट्री नस्ल विकास, नवाचार एवं डिजिटल लाइवस्टॉक, चारा एवं आहार विकास तथा अनुसंधान, वैश्वीकरण एवं ज्ञान प्रणाली विकास शामिल हैं। इनके माध्यम से लाइवस्टॉक स्टार्टअप्स, चारा उत्पादन, मूल्य संवर्धन, उत्पादक संगठनों और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। एआई, डिजिटल ट्रेसबिलिटी और जलवायु अनुकूल तकनीकों से पशुधन उत्पादों की गुणवत्ता तथा बाजार पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रशिक्षण से पशुपालकों का कौशल विकास भी किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक प्रगति रोबोटिक्स पार्क उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक, औद्योगिक नवाचार और रोबोटिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के विकास को गति देना और रोबोटिक्स क्षेत्र में निवेश एवं अनुसंधान के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना है। परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का वार्षिक सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) होने का अनुमान है। *पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा पार्क का पहला जोन* प्रगति रोबोटिक्स पार्क को दो जोन में विकसित किया जाएगा। जोन-1 के लिए आठ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है, जिसका विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर गठित विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और चयनित औद्योगिक साझीदार की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत होगी। जोन-2 के लिए 61.52 एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी। इस क्षेत्र में निजी उद्यमों द्वारा निवेश कर औद्योगिक इकाइयों और संबंधित गतिविधियों का विकास किया जाएगा। इस जोन के विकास के लिए राज्य सरकार पर कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा। *सरकार और प्राधिकरण करेंगे वित्तीय सहयोग* जोन-1 के विकास के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी अंशदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 30 वर्षों के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। आठ एकड़ भूमि के लीज प्रीमियम के संबंध में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के माध्यम से प्राधिकरण को प्रतिपूर्ति की जाएगी। वहीं, जोन-2 में भूमि आवंटन विकास शुल्क से प्राप्त राजस्व का पांच प्रतिशत सेवा शुल्क एसपीवी को देय होगा, जिस पर लागू जीएसटी भी देय होगा। औद्योगिक साझीदार का चयन गुणवत्ता-आधारित चयन प्रक्रिया (क्यूबीएस) के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद एसपीवी का पंजीकरण, भूमि आवंटन, पट्टा विलेख का निष्पादन और निर्माण संबंधी कार्यवाही पूरी की जाएगी। एसपीवी के पंजीकरण से 36 महीने के भीतर जोन-1 का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि अधिकतम 48 महीने तक हो सकेगी। परियोजना की प्रगति की निगरानी समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। *एक ही परिसर में मिलेंगी रोबोटिक्स और एआई की अत्याधुनिक सुविधाएं* प्रगति रोबोटिक्स पार्क की विशेषता यह होगी कि यहां रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूट अवसंरचना, मोशन कैप्चर और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी साझा सुविधाएं एक ही एकीकृत परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। स्टार्टअप और उद्यमियों को किफायती दरों पर अत्याधुनिक परीक्षण, प्रोटोटाइप तैयार करने और जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे नए उत्पादों के विकास, तकनीकी प्रयोगों और नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, रोबोटिक्स उत्पादों के वैश्विक मानकों के अनुरूप परीक्षण एवं सीई/यूएल प्रमाणन संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। *स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा, आयात पर निर्भरता घटाने की पहल* रोबोटिक्स और एआई आधुनिक उद्योगों, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण क्षमता विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे। इससे आयात पर निर्भरता कम करने तथा घरेलू कंपनियों को वैश्विक बाजार के अनुरूप उत्पाद विकसित करने में मदद मिल सकती है। परियोजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और कुशल तकनीकी कार्यबल को रोबोटिक्स, एआई, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास के अवसर उपलब्ध होंगे। पार्क से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, स्टार्टअप और संबंधित मूल्य श्रृंखला के विस्तार के साथ लगभग एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। पूर्ण संचालन पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये के वार्षिक सकल मूल्यवर्धन की संभावना के साथ प्रगति रोबोटिक्स पार्क उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और नवाचार को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बन सकता है।
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